सुल्तानपुर: यूट्यूबर संजय यदुवंशी और 300 समर्थकों पर दर्ज हुई 5 FIR, बवाल के बाद बढ़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में यूट्यूबर और अवधी गायक संजय यदुवंशी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पुलिस ने संजय यदुवंशी और उनके करीब 300 समर्थकों के खिलाफ पांच नई एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। यह पूरी कानूनी कार्रवाई 9 और 10 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद की गई है, जिसने शहर में काफी तनाव पैदा कर दिया था।
इस पूरे विवाद की जड़ 5 अक्टूबर को है, जब धम्मौर पुलिस स्टेशन के अधिकारी संजय यदुवंशी के घर पहुंचे थे। गायक और उनके परिवार का आरोप है कि पुलिस ने वहां बदसलूकी की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि संजय के पिता ने पुलिस द्वारा 'स्टेज्ड एनकाउंटर' कराए जाने की आशंका तक जता दी। इसी घटना के विरोध में 9 अक्टूबर को संजय ने टिकोनिया पार्क में करीब पांच घंटे तक एक बड़ा प्रदर्शन किया।
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और गंभीर आरोप
पुलिस और नगर निकाय के मुताबिक, इस प्रदर्शन के दौरान भारी तोड़फोड़ की गई। दर्ज एफआईआर में गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें डॉ. बी.आर. अंबेडकर की तस्वीर को फाड़ना और पैरों तले रौंदना, राष्ट्रीय हस्तियों की मूर्तियों का अपमान करना और विवेकानंद स्मृति पार्क में तोड़फोड़ करना शामिल है। नगर अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक संपत्ति को करीब 2.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अलावा, बिना अनुमति के प्रदर्शन करने और प्रदर्शन में नाबालिगों को शामिल करने के आरोप में भी केस दर्ज किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब संजय यदुवंशी ने स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) को संबोधित करते हुए "जीजू जीजू बोले तोहार छोटी सिस्टर हो" गाना गाया। हालांकि, संजय का कहना है कि यह सिर्फ एक गाना था और उनका मकसद किसी को उकसाना नहीं था।
संजय यदुवंशी ने पुलिस के दावों को खारिज करते हुए साफ कह दिया है कि जब तक संबंधित SHO और दोषी अधिकारियों को निलंबित नहीं किया जाता और वे उनके माता-पिता से सार्वजनिक माफी नहीं मांगते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने खान बाबा पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में दोबारा जांच की मांग भी की है।
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पुलिस छापेमारी का वीडियो साझा किया है। वहीं, यूपी के पूर्व डीजीपी सुल्तान सिंह ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए संकेत दिया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया जारी है और मामले की जांच सर्कल ऑफिसर (CO) को सौंपी गई है। गौरतलब है कि संजय और उनके भाई शिव को एक अन्य मारपीट के मामले में कोर्ट से गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक मिली हुई है, और उनकी अगली पेशी 13 अक्टूबर को है।