शाहजहाँपुर: स्वामी शुकदेवानंद यूनिवर्सिटी में भ्रष्टाचार का आरोप, यूथ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
यूथ कांग्रेस ने स्वामी शुकदेवानंद यूनिवर्सिटी में भ्रष्टाचार और फीस वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन किया, पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोका।

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में स्वामी शुकदेवानंद यूनिवर्सिटी इन दिनों विवादों के घेरे में है। यूनिवर्सिटी में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और बढ़ती फीस के खिलाफ यूथ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को जिला अध्यक्ष राम जी अवस्थी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया, जिसका मकसद राज्यपाल (कुलाधिपति) को ज्ञापन सौंपकर अपनी शिकायतें दर्ज कराना था।
प्रदर्शन के दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की। राम जी अवस्थी का आरोप है कि पुलिस सोमवार से ही उनके घर की निगरानी कर रही थी। मंगलवार सुबह जैसे ही वे अपने समर्थकों के साथ राज्यपाल की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें घेर लिया। मौके पर पहुंचे आउटपोस्ट प्रभारी सुशांत सिंह रावत और सिटी मजिस्ट्रेट रजनीकांत के बीच बातचीत हुई, लेकिन जब कार्यकर्ता आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोककर अजीजगंज पुलिस चौकी भेज दिया।
शिक्षकों की सेटिंग के लिए लाखों की मांग और बिगड़ा शैक्षणिक कैलेंडर
प्रशासन की ओर से न्यायिक तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी और कोतवाली प्रभारी प्रदीप कुमार राय ने यूथ कांग्रेस का ज्ञापन स्वीकार किया। इस ज्ञापन में यूनिवर्सिटी के कुलपति और रजिस्ट्रार के कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।
- रिश्वत का खेल: राम जी अवस्थी ने गंभीर आरोप लगाया कि शिक्षकों के एडजस्टमेंट के लिए 15 से 25 लाख रुपये तक की रिश्वत मांगी जा रही है।
- पढ़ाई पर संकट: प्रदर्शनकारियों ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 22 अक्टूबर को शुरू हुआ और दिसंबर में परीक्षाएं कराने की योजना है। इतने कम समय में पाठ्यक्रम पूरा करना नामुमकिन है, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में है।
- फीस में बढ़ोतरी: यूनिवर्सिटी द्वारा tuition फीस में की गई बढ़ोतरी को भी गलत बताया गया है।
यूथ कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष शोभित मिश्रा ने कहा कि यूनिवर्सिटी शिक्षा का मंदिर होती है, लेकिन यहाँ रिश्वतखोरी और कुप्रबंधन के आरोप बेहद गंभीर हैं। वहीं मीडिया प्रभारी अनुभव ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है।
संगठन ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और कुलपति को तुरंत पद से हटाया जाए। यूथ कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे इस आंदोलन को जिला और राज्य स्तर पर और अधिक व्यापक बनाएंगे। इस प्रदर्शन में शिवोम मिश्रा, हिमांशु मुद्गल, अंकुर दीक्षित और रजनीश वर्मा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।