सीएम योगी का बड़ा बयान: अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की निर्माता बन रही हैं यूपी की महिलाएं

Shubham Singh14 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
सीएम योगी का बड़ा बयान: अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की निर्माता बन रही हैं यूपी की महिलाएं

शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की महिलाओं की बदलती भूमिका को लेकर एक बेहद खास संदेश साझा किया है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि राज्य की महिलाएं अब केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाली 'लाभार्थी' नहीं रह गई हैं, बल्कि वे अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाएं के तालमेल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की असली निर्माता (Architects) बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश की मजबूती सीधे तौर पर गांवों की महिलाओं की समृद्धि और उनकी आत्मनिर्भरता से जुड़ी हुई है।

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति की तुलना वर्तमान समय से करते हुए कहा कि 'डबल इंजन' सरकार महिलाओं के सम्मान, आत्म-सम्मान और आर्थिक आजादी को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह समर्पित है। आंकड़ों की बात करें तो यह बदलाव जमीन पर साफ दिख रहा है। साल 2017-18 में महिला कार्यबल की भागीदारी महज 14 प्रतिशत थी, जो 2023-24 तक बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

महिला सशक्तिकरण के लिए उठाए गए बड़े कदम

राज्य सरकार ने महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए कई क्रांतिकारी योजनाएं लागू की हैं, जिनका असर अब दिखने लगा है:

  • सरकारी नौकरियां और पुलिस बल: अब तक 1.5 लाख से अधिक महिलाओं ने सरकारी नौकरियां हासिल की हैं। पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण के कारण महिला अधिकारियों की संख्या 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई है।
  • उद्यमिता और स्टार्टअप: उत्तर प्रदेश के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व अब महिलाएं कर रही हैं। साथ ही, 1 करोड़ से ज्यादा महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी हैं।
  • तकनीकी प्रगति: 'नमो ड्रोन दीदी' योजना के तहत 2,236 महिलाओं को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे लगभग 23.64 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को कवर किया जाएगा। इसके लिए समूहों को 8 लाख रुपये तक की 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।
  • आर्थिक लाभ: 'विद्युत सखी' पहल के जरिए 16,000 से अधिक महिलाओं ने बिजली बिल जमा कर करीब 45 करोड़ रुपये का कमीशन कमाया है। वहीं 'लखपति दीदी' योजना का लक्ष्य महिलाओं की वार्षिक घरेलू आय कम से कम 1 लाख रुपये करना है।

इन सभी प्रयासों की निगरानी के लिए उदयती फाउंडेशन के साथ मिलकर 'विमेन इकोनॉमिक एम्पॉवरमेंट (WEE) इंडेक्स' विकसित किया गया है, जो प्रदेश के सभी 75 जिलों में महिलाओं की प्रगति को ट्रैक करता है। साथ ही, मिशन शक्ति के पांच चरणों के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है।

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