मगध एक्सप्रेस में महिला से लूट: गहने और कैश ले उड़ा चोर, पुलिस पर लापरवाही का आरोप

रेल यात्रा के दौरान सुरक्षा दावों की पोल खोलती एक घटना सामने आई है। मगध एक्सप्रेस में सफर कर रही एक 51 वर्षीय महिला के साथ लूटपाट की वारदात हुई, जिसके बाद पीड़िता ने रेलवे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि घटना के बाद मदद मांगने पर पुलिस ने टालमटोल की और शिकायत दर्ज करने में काफी मुश्किलें पैदा कीं।
यह पूरी घटना 13 अक्टूबर की सुबह करीब 6 बजे की है। बताया जा रहा है कि एक अज्ञात व्यक्ति ट्रेन के कोच में सवार हुआ और महिला का बैग छीनकर प्रयागराज जंक्शन के पास चलती ट्रेन से कूद गया। इस बैग में सोने की चेन, दो अंगूठियां, दो जोड़ी झुमके, 15 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और डेबिट-क्रेडिट कार्ड थे।
एटीएम से निकाले पैसे, फिर भी पुलिस ने नहीं की सुनवाई
लूट के तुरंत बाद पीड़िता के परिवार को एक नोटिफिकेशन मिला, जिससे पता चला कि प्रयागराज के तुलारामबाग स्थित एक एटीएम से डेबिट कार्ड के जरिए 15 हजार रुपये निकाले गए हैं। पीड़िता की बेटी निशु सिंह का कहना है कि महिला का मोबाइल फोन भी चालू था और उस पर कॉल जा रहे थे, जो पुलिस के लिए अपराधी तक पहुँचने का एक बड़ा सबूत हो सकता था।
पीड़िता का आरोप है कि जब वह प्रयागराज जंक्शन पर आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के पास पहुँची, तो अधिकारियों ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया और उन्हें गंतव्य स्टेशन पर रिपोर्ट करने की सलाह दी। इसके बाद जब उन्होंने इस्लामपुर में शिकायत की कोशिश की, तो वहां से भी उन्हें लौटा दिया गया और अंततः फतुहा में काफी मशक्कत के बाद एक 'जीरो एफआईआर' दर्ज कराई जा सकी।
दूसरी ओर, आरपीएफ इंस्पेक्टर अमित राणा का कहना है कि इस मामले को लूट के बजाय चोरी के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पीड़िता अपराध की सटीक जगह नहीं बता पाईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। फिलहाल, निशु सिंह ने रेलवे अधिकारियों को औपचारिक शिकायत भेजकर लूट की जांच और पुलिस की लापरवाही पर कार्रवाई की मांग की है।