वाराणसी के नमो घाट पर सजेगा आसमान, 'विंग्स ओवर गंगाज' एयर शो की तैयारियां तेज
धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी जल्द ही भारतीय वायु सेना के पराक्रम की गवाह बनने जा रही है। नमो घाट पर आयोजित होने वाला भव्य एयर शो 'विंग्स ओवर गंगाज' अब अपने अंतिम चरण में है। यह आयोजन 22, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को होगा, जिसमें वायु सेना की ताकत का प्रदर्शन किया जाएगा। खास बात यह है कि 25 अक्टूबर को वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर मुख्य कार्यक्रम होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है।
सुरक्षा के मद्देनजर वायु सेना ने नमो घाट का पूरी तरह नियंत्रण ले लिया है। घाट के तीनों प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया गया है और 26 अक्टूबर तक आम जनता का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। मौके पर तकनीकी टीमें कमांड सेंटर और वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम स्थापित करने में जुटी हैं ताकि फ्लाइट ऑपरेशंस का सटीक तालमेल बिठाया जा सके।
राफेल और तेजस दिखाएंगे दम, कड़े सुरक्षा इंतजाम
इस एयर शो में दुनिया भर में मशहूर राफेल, Su-30 MKI और स्वदेशी तेजस जैसे लड़ाकू विमान आसमान में अपनी कलाबाजियां दिखाएंगे। इसके साथ ही सूर्य किरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी अपनी प्रतिभा पेश करेगी। प्रचंंड, C-295, An-32, IL-76 और IL-78 जैसे विमानों के साथ-साथ भारतीय नौसेना और थल सेना के संसाधनों का भी सहयोग मिलेगा। हाल ही में काशी विश्वनाथ धाम के पास गंगा के ऊपर चिनूक हेलीकॉप्टर ने 'टच एंड गो' युद्धाभ्यास किया है, जबकि गाजीपुर के अंधाऊ एयरस्ट्रिप को इस आयोजन के लिए सक्रिय कर दिया गया है।
इतने बड़े आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शो के दौरान गंगा में नावों के संचालन और ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। सबसे दिलचस्प बात यह है कि पक्षियों के टकराने (बर्ड स्ट्राइक) के खतरे को कम करने के लिए आयोजन स्थल के 30 किलोमीटर के दायरे में मांस, मछली और पोल्ट्री की दुकानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने हाल ही में नमो घाट का निरीक्षण किया और पुलिस कमिश्नर व जिलाधिकारी के साथ तैयारियों की समीक्षा की। अनुमान है कि इस ऐतिहासिक शो को देखने के लिए 20 लाख से ज्यादा लोग जुटेंगे। भीड़ को संभालने के लिए नगर निगम द्वारा बैरिकेडिंग, मोबाइल टॉयलेट्स और साइनबोर्ड लगाए जा रहे हैं। साथ ही, ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है और सरकारी व निजी अस्पतालों को आपातकालीन स्थिति के लिए अलर्ट पर रखा गया है। भीड़ प्रबंधन में NCC, NSS और सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स की मदद ली जाएगी।