वाराणसी के 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो में सारंग टीम ने बिखेरा जलवा, आसमान में दिखी जादुई कलाबाजी
वाराणसी के नमो घाट पर 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो में सारंग हेलिकॉप्टर टीम ने अपनी जादुई कलाबाजियों से सबको हैरान कर दिया।

वाराणसी के आसमान में इन दिनों रोमांच और जोश का माहौल है। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो के दूसरे दिन शनिवार को सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने अपनी अद्भुत कलाबाजियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। भीषण गर्मी के बावजूद नमो घाट और आसपास के इलाकों में लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। आलम यह था कि गंगा के दूसरे किनारे से भी लोग इस शानदार नजारे को देखने के लिए जमा थे।
सारंग टीम के प्रदर्शन ने सोशल मीडिया पर भी धूम मचा दी है, जहां इस शो के वीडियो और रील्स तेजी से वायरल हो रहे हैं। टीम की सदस्य स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह ने बताया कि इस तरह के प्रदर्शन के पीछे कड़ी मेहनत और सालों का प्रशिक्षण होता है। उन्होंने साझा किया कि हेलिकॉप्टरों को फॉर्मेशन में उड़ाना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसमें पायलटों और क्रू सदस्यों के बीच सटीक तालमेल होना अनिवार्य है।
स्वदेशी ध्रुव हेलिकॉप्टरों का दम और महिला पायलटों की भूमिका
इस एयर शो में पांच स्वदेशी ALH ध्रुव हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें से दो विमानों में महिला पायलट और क्रू सदस्य शामिल थीं। स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह के अनुसार, हर प्रदर्शन से पहले जमीन पर विस्तृत रणनीति बनाई जाती है और कई ब्रीफिंग व प्रैक्टिस रन किए जाते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये हेलिकॉप्टर सिर्फ शो के लिए नहीं, बल्कि सैनिकों के परिवहन और आपदा राहत जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
महिला सशक्तिकरण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब वायुसेना में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। मेहनत, क्षमता और अनुशासन के दम पर महिलाएं अब एनडीए (NDA) जैसे रास्तों से सेना में शामिल हो रही हैं। इस तीन दिवसीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सशस्त्र बलों और विमानन क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है, जो 25 अक्टूबर को समाप्त होगा। शहर में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में विशेष बदलाव किए हैं ताकि लोगों को असुविधा न हो।