राम मंदिर पूरे हिंदू समाज के आत्मसम्मान का प्रतीक है: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राम मंदिर को हिंदू आत्मसम्मान का प्रतीक बताया और पीएम मोदी व सीएम योगी की प्रशंसा की।

अयोध्या की पवित्र धरती पर पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राम मंदिर के निर्माण को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए इसे पूरे हिंदू समाज के आत्मसम्मान का स्मारक करार दिया है। दिवाली के शुभ अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह सपना साकार हुआ है, जो हर हिंदू के लिए गर्व का विषय है।
उपराष्ट्रपति ने भगवान राम को धर्म, करुणा और आदर्श आचरण का शाश्वत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम का जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्ची महानता शक्ति या पद में नहीं, बल्कि चरित्र की मजबूती और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण में होती है। उन्होंने अयोध्या में होने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए शहर की आध्यात्मिक ऊर्जा की सराहना की।
पीएम मोदी और सीएम योगी की कार्यशैली की सराहना
अपने संबोधन के दौरान उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों नेता भगवान राम के बताए मार्ग पर चल रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि एक लंबे समय के बाद राज्य में एक संत मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) बने हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने एक साधारण पृष्ठभूमि से आकर पिछले 12 वर्षों से देश का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया है।
उपराष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर पर भी बात की। उन्होंने याद दिलाया कि पहले जब वे उत्तर प्रदेश आते थे, तो सुरक्षा की स्थिति अलग थी, लेकिन अब माहौल पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस विचार का समर्थन किया कि अयोध्या केवल एक स्मार्ट सिटी या सोलर सिटी नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक नगरी है।
हिंदू धर्म की समावेशी प्रकृति का जिक्र करते हुए उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में सभी को समान माना गया है और महर्षि वाल्मीकि जी ने एक साधारण परिवार से होने के बावजूद प्रभु श्री राम की पावन गाथा लिखी, जो इस धर्म की व्यापकता को दर्शाता है।