बीजेपी सांसद विवेक ठाकुर का हमला, 'लेहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन को बताया देशविरोधी साजिश

लखनऊ में बीजेपी सांसद विवेक ठाकुर ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'लेहरा दो तिरंगा' प्रदर्शनों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इन प्रदर्शनकारियों को देश को बांटने की कोशिश करने वाली ताकतें करार देते हुए उनकी कड़ी निंदा की है। विवेक ठाकुर का कहना है कि इन लोगों के मन में राष्ट्रीय ध्वज के लिए कोई वास्तविक सम्मान नहीं है, बल्कि वे तिरंगे का इस्तेमाल देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला करने के लिए एक हथियार के रूप में कर रहे हैं।
सांसद विवेक ठाकुर ने कड़े शब्दों में कहा कि देश को तोड़ने का काम करने वाली ताकतों का चेहरा अब सबके सामने आ गया है। उन्होंने दावा किया कि पूरे देश में विपक्ष की इन मंशाओं के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है और व्यवस्था को कमजोर करने की उनकी यह कोशिश कभी सफल नहीं होगी।
क्या है पूरा विवाद और विरोध की वजह?
अभिजीत डिपके द्वारा स्थापित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 'लेहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन शुरू किया था। यह आंदोलन तब और तेज हो गया जब पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रंका को जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रवेश और ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस आंदोलन के तहत 16 अक्टूबर 2026 को दो बड़े शहरों में प्रदर्शन किए गए। मुंबई के आजाद मैदान में पुलिस की अनुमति से रैली निकाली गई, जबकि नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में 'तिरंगा यात्रा' का आह्वान किया गया। हालांकि, एनडीएमसी ने उस दिन पार्क को बंद रखा था और दिल्ली पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी।
दिलचस्प बात यह है कि इस विरोध प्रदर्शन को विपक्षी खेमे का बड़ा समर्थन मिला है। राहुल गांधी, सुप्रिया सुले, ममता बनर्जी, महुआ मोइत्रा, अरविंद केजरीवाल और एम.के. स्टालिन जैसे दिग्गज नेताओं ने गिरफ्तार नेताओं के प्रति अपनी एकजुटता जताई है।