अजीब संयोग: जिस दिन विनोद शाक्य ने थामा सपा का दामन, उसी दिन BJP की लिस्ट में आया नाम

पूर्व विधायक विनोद शाक्य ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा जॉइन की, लेकिन उसी दिन भाजपा की नई कार्यकारिणी सूची में उनका नाम आ गया।

Shubham Singh26 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
अजीब संयोग: जिस दिन विनोद शाक्य ने थामा सपा का दामन, उसी दिन BJP की लिस्ट में आया नाम

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। पूर्व विधायक विनोद शाक्य ने जिस दिन समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्यता ली, ठीक उसी दिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी समिति के सदस्य के रूप में घोषित कर दिया। यह घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि एक ही दिन में विनोद शाक्य दो अलग-अलग पार्टियों की सक्रियता में नजर आए।

पूरा मामला शनिवार का है। दोपहर के समय लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में विनोद शाक्य ने औपचारिक रूप से समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। वहीं, दूसरी ओर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी की एक विस्तारित सूची जारी की, जिसमें 548 समिति सदस्यों, 30 स्थायी आमंत्रितों और 134 विशेष आमंत्रितों के नाम थे। हैरानी की बात यह रही कि इस लिस्ट में विनोद शाक्य का नाम भी शामिल था।

अखिलेश यादव ने जताया भरोसा, भाजपा में मची खलबली

विनोद शाक्य का यह कदम काफी चौंकाने वाला है, क्योंकि महज कुछ दिन पहले 10 अक्टूबर को उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह भाजपा नहीं छोड़ेंगे और भविष्य के चुनाव भाजपा के टिकट पर ही लड़ेंगे। हालांकि, एक वायरल वीडियो के बाद उनके पाला बदलने की अटकलें तेज हो गई थीं, जो अब सच साबित हुईं।

सपा में शामिल होने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि विनोद शाक्य जैसे नेताओं के आने से प्रदेश में पूर्व से पश्चिम तक समाजवादी पार्टी और मजबूत होगी। इस दौरान अखिलेश यादव ने मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने वादा किया कि यदि अगली सरकार सपा की बनी, तो महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा।

दूसरी ओर, भाजपा अपनी 2027 की चुनावी तैयारी में जुटी है। पार्टी की नई कार्यकारिणी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे दिग्गजों को स्थायी आमंत्रित सदस्य रखा गया है। ऐसे में विनोद शाक्य का नाम लिस्ट में आना और उसी दिन उनका सपा में जाना भाजपा के आंतरिक समन्वय पर सवाल खड़े कर रहा है। गौरतलब है कि आगामी 30 और 31 अक्टूबर को गृह मंत्री अमित शाह लखनऊ का दौरा करेंगे, जहां वे वरिष्ठ नेताओं के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे।

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