अयोध्या: 20 साल से लगातार लिख रहे राम नाम, अब भाजपा की जीत के लिए कर रहे प्रार्थना
बलिया के विनोद मिश्रा पिछले 20 वर्षों से अयोध्या में राम नाम लिख रहे हैं। अब वे राज्य के विकास के लिए विशेष प्रार्थना कर रहे हैं।

राम नगरी अयोध्या में भक्ति और संकल्प की एक अद्भुत मिसाल देखने को मिल रही है। बलिया के रहने वाले 60 वर्षीय विनोद मिश्रा पिछले दो दशकों से संत तुलसीदास घाट पर बैठकर निरंतर प्रभु श्री राम का नाम लिख रहे हैं। उनकी यह साधना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक अटूट विश्वास की कहानी है, जो पिछले 20 वर्षों से बिना रुके जारी है।
विनोद मिश्रा ने इस कठिन साधना की शुरुआत एक विशेष मनोकामना के साथ की थी। उनका एकमात्र लक्ष्य अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण देखना था। समय बीता और उनकी यह इच्छा पूरी हुई, लेकिन मंदिर बनने के बाद भी उनकी कलम रुकी नहीं। नवंबर 2026 तक उनकी यह निरंतरता बरकरार है और वे आज भी उसी समर्पण के साथ कागज पर राम नाम उकेर रहे हैं।
भक्ति के साथ अब विकास की कामना
जैसे-जैसे समय बदला, विनोद मिश्रा की इस साधना का दायरा भी बढ़ा। अब वे राम नाम के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम भी लिख रहे हैं। उनका मानना है कि राज्य और अयोध्या में जो विकास दिख रहा है, वह इसी नेतृत्व की देन है।
विनोद मिश्रा अब अपनी इस आध्यात्मिक शक्ति के जरिए एक और बड़ी प्रार्थना कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करे। उनका तर्क है कि अयोध्या और पूरे प्रदेश की निरंतर प्रगति के लिए 'डबल इंजन सरकार' का बने रहना बेहद जरूरी है। उनके लिए यह लेखन अब केवल व्यक्तिगत मोक्ष का मार्ग नहीं, बल्कि समाज और राज्य की खुशहाली के लिए एक राजनीतिक और आध्यात्मिक संकल्प बन चुका है।