विंध्यवासिनी धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने टेका माथा: सीएम योगी

Sushant Singh19 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
विंध्यवासिनी धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने टेका माथा: सीएम योगी

शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि पर उत्तर प्रदेश के शक्तिपीठों और मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि विंध्यवासिनी धाम में नए कॉरिडोर के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि अकेले बीते कल ही 25 लाख से अधिक भक्तों ने वहां दर्शन किए और आज भी ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है, जिसके चलते आज भी 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के दौरान मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में दुर्गा पूजा पंडाल सजाए गए हैं और लोग अपने घरों में कलश स्थापना कर मां भगवती की आराधना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विंध्यवासिनी धाम के अलावा देवीपाटन शक्तिपीठ, सहारनपुर के मां शाकुंभरी पीठ और सीतापुर के ललिता देवी शक्तिपीठ में भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी आस्था प्रकट करने पहुंचे हैं।

मिशन शक्ति के जरिए महिला सुरक्षा को प्राथमिकता

सीएम योगी ने भक्ति को शासन और प्रशासन से जोड़ते हुए कहा कि मां भगवती के प्रति उनकी श्रद्धा केवल रीति-रिवाजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन के कामकाज में भी झलकती है। उन्होंने 'मिशन शक्ति' अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना ही इस अभियान का मूल उद्देश्य है।

सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब प्रदेश के हर थाने में महिलाओं के लिए समर्पित हेल्प डेस्क और अलग कमरा बनाया गया है, जहां महिला बीट ऑफिसर या महिला सब-इंस्पेक्टर तैनात रहती हैं। साथ ही, 1090 महिला हेल्पलाइन को भी पूरी तरह प्रभावी बनाया गया है ताकि महिलाओं को त्वरित सहायता मिल सके।

इससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में महा नवमी के अवसर पर कन्या पूजन किया। उन्होंने छोटी बच्चियों के पैर धोकर उनकी पूजा की और उन्हें वस्त्र, प्रसाद व दक्षिणा भेंट कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

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