लखनऊ जिला पंचायत: पूर्व अध्यक्ष विजय बहादुर यादव चला रहे ऑफिस, वर्तमान अध्यक्ष की अनदेखी

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर यादव द्वारा कार्यालय चलाने और आरती रावत की अनदेखी के मामले ने लखनऊ में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

Sushant Singh7 November 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
लखनऊ जिला पंचायत: पूर्व अध्यक्ष विजय बहादुर यादव चला रहे ऑफिस, वर्तमान अध्यक्ष की अनदेखी

राजधानी लखनऊ की जिला पंचायत में इन दिनों सत्ता का एक अजीब खेल देखने को मिल रहा है। यहां वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष आरती रावत के होते हुए भी पूर्व अध्यक्ष विजय बहादुर यादव का दबदबा बरकरार है। चर्चा है कि विजय बहादुर यादव न केवल कार्यालय में राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठ रहे हैं, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में सीधे निर्देश भी जारी कर रहे हैं, जिससे वर्तमान अध्यक्ष की भूमिका महज नाममात्र की रह गई है।

दिलचस्प बात यह है कि आरती रावत को अध्यक्ष बनाने में विजय बहादुर यादव की अहम भूमिका रही थी, जब वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े थे। लेकिन जुलाई 2024 में राजनीतिक समीकरण बदले और यादव ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। इस राजनीतिक बदलाव के बाद अब कार्यालय के भीतर खींचतान और प्रशासनिक टकराव साफ नजर आने लगा है।

भ्रष्टाचार के आरोपों और जांच के बीच पावर स्ट्रगल

एक तरफ जहां कार्यालय के भीतर कुर्सी की जंग जारी है, वहीं दूसरी तरफ विजय बहादुर यादव और आरती रावत दोनों ही सरकारी जांच के घेरे में हैं। उन पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • सरकारी टेंडरों में वित्तीय अनियमितताएं करना।
  • भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद।
  • आय से अधिक संपत्ति जमा करने के आरोप।

इन आरोपों को लेकर सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। ऐसे माहौल में पूर्व अध्यक्ष का कार्यालय में सक्रिय रहना और आधिकारिक कामकाज को प्रभावित करना लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग और राजनीतिक विश्लेषक इसे शासन संरचना के लिए एक बड़ी चुनौती मान रहे हैं, जहां आधिकारिक पद से ज्यादा प्रभाव पूर्व पदधारी का दिख रहा है।

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