वाराणसी: चुनाव आयोग के समर्थन में युवा परिषद ने निकाला 'न्याय मार्च'

वाराणसी की सड़कों पर शनिवार को युवा परिषद के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। चुनाव आयोग के समर्थन में आयोजित इस 'न्याय मार्च' के जरिए कार्यकर्ताओं ने विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह पूरा विरोध प्रदर्शन दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शनों के जवाब में किया गया, जिसमें युवा परिषद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांगों का कड़ा विरोध किया।
यह मार्च सुभाष मंदिर से शुरू होकर मुंशी प्रेमचंद मेमोरियल गेट तक निकाला गया। प्रदर्शन का नेतृत्व खुशी रमण भारतवंशी और प्रज्ञा पारमिता महारी ने किया। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिनमें चुनाव आयोग की भूमिका और वोटर लिस्ट से जुड़े विवादों पर विपक्ष के रवैये को निशाने पर लिया गया था।
विपक्ष पर साधा निशाना और उठाए गंभीर सवाल
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) की युवा परिषद अध्यक्ष जीनत रहमान ने सीधे तौर पर राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप लगाने से पहले उन्हें अपनी पार्टी के चुनावी रिकॉर्ड और विपक्ष शासित राज्यों के कामकाज पर जवाब देना चाहिए। परिषद का यह भी आरोप है कि कांग्रेस चुनाव आयोग को इसलिए निशाना बना रही है क्योंकि मतदाता सूचियों से फर्जी नाम हटाए गए हैं।
वहीं, परिषद के नेता डॉ. एपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस बार-बार ईवीएम और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर केवल नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करने के लिए चुनाव आयोग को मोहरा बना रही है। जिला अध्यक्ष सत्यम राय ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान युवा परिषद के नेताओं ने विदेशी फंडिंग जैसे गंभीर सवाल भी उठाए और इस मामले की जांच की मांग की। इस मार्च में मयंक श्रीवास्तव, दक्षिता भारतवंशी और सृष्टि त्यागी समेत कई अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने संकल्प लिया कि वे चुनाव आयोग के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद रखना जारी रखेंगे।