वाराणसी रोपवे प्रोजेक्ट: दिसंबर 2026 तक शुरू होगी सेवा, 96% काम पूरा

काशी रोपवे प्रोजेक्ट का 96% काम पूरा हो चुका है। जानें किराया, स्टेशनों की लिस्ट और यात्रा के समय से जुड़ी पूरी जानकारी।

Sushant Singh5 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
वाराणसी रोपवे प्रोजेक्ट: दिसंबर 2026 तक शुरू होगी सेवा, 96% काम पूरा

धर्म और संस्कृति की नगरी काशी अब जल्द ही आसमान से अपनी खूबसूरती निहारेगी। वाराणसी रोपवे प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है और निर्माण कार्य का करीब 96 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च 2023 को इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी, जिसका उद्देश्य शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करना और यात्रियों को एक आधुनिक सफर का अनुभव देना है। उम्मीद है कि दिसंबर 2026 तक यह सेवा आम जनता के लिए पूरी तरह शुरू हो जाएगी।

यह रोपवे वाराणसी कैंट से गोदौलिया तक कुल 3.85 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट के अंतिम ट्रायल और सुरक्षा जांच का काम चल रहा है। यात्रा को सुगम बनाने के लिए इसमें 148 गोंडोला (केबिन) लगाए गए हैं, जिनमें एक बार में 10 यात्री सफर कर सकेंगे। सबसे खास बात यह है कि कैंट से गोदौलिया तक का पूरा सफर महज 16 मिनट में तय हो जाएगा, जिससे घंटों का ट्रैफिक जाम अब बीते दिनों की बात हो जाएगी।

किराया, स्टेशन और सुविधाओं की पूरी जानकारी

इस रोपवे रूट पर कुल पांच स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें वाराणसी कैंट, काशी विद्यापीठ, रथ यात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया शामिल हैं। हालांकि, गिरजाघर स्टेशन का उपयोग केवल तकनीकी कार्यों के लिए किया जाएगा। किराए की बात करें तो छोटे स्टेशनों के बीच का किराया 10 रुपये से शुरू होगा, जबकि कैंट से गोदौलिया तक की पूरी यात्रा के लिए 50 रुपये का टिकट लगेगा।

यात्रियों के लिए कुछ विशेष सुविधाएं और नियम भी तय किए गए हैं:

  • स्मार्ट पास: 'काशी स्मार्ट पास' धारकों को किराए में 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जिससे उनका पूरा सफर 40 रुपये में पूरा होगा।
  • प्रीमियम सेवा: ग्रुप के लिए प्रीमियम गोंडोला की सुविधा होगी, जिसका किराया प्रति ट्रिप 2,000 रुपये और संस्थागत बुकिंग के लिए 1,200 रुपये रखा गया है।
  • सामान की सीमा: यात्री अपने साथ अधिकतम 7 किलोग्राम सामान ले जा सकते हैं। इससे अधिक वजन होने पर अतिरिक्त टिकट लेना होगा।
  • क्लॉक रूम: कैंट स्टेशन पर क्लॉक रूम की सुविधा होगी, जहां टिकट धारकों को पहले दो घंटे मुफ्त स्टोरेज मिलेगा, उसके बाद 15 किलो तक के वजन के लिए 50 रुपये प्रति घंटा शुल्क देना होगा।

इस प्रोजेक्ट के तहत हर साल 1 अप्रैल से किराए में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान भी रखा गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट को NHML के समन्वय से विश्व समुद्र इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अंजाम दिया जा रहा है।

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