वाराणसी: अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, दो मंजिला मकान जमींदोज, रेस्क्यू जारी

वाराणसी के सारनाथ इलाके में गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। यहां के पचकोसी क्षेत्र में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, जिसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि पास ही स्थित एक दो मंजिला रिहायशी मकान पूरी तरह से ढह गया। इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मलबे में कई लोगों के दबे होने की खबर है।
जानकारी के मुताबिक, यह मकान पटाखा कारोबारी राजू खान का था। आशंका जताई जा रही है कि धमाके के वक्त परिवार के करीब छह सदस्य घर के अंदर ही थे, जो अब मलबे के नीचे दबे हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं। अब तक दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है, जबकि अन्य की तलाश के लिए NDRF की टीम को भी तैनात किया गया है। जांच में मदद के लिए यूपी एटीएस (ATS) भी मौके पर मौजूद है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी ने ली जान?
डीसीपी राजेश पांडे ने बताया कि घटनास्थल पर चारों तरफ बिखरे पटाखों से यह साफ जाहिर होता है कि यहां अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन ने 21 सितंबर 2026 को ही अग्नि सुरक्षा के सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन नियमों में स्पष्ट था कि निर्माण कार्य केवल ग्राउंड फ्लोर पर हो और सुरक्षा उपकरणों का पूरा इंतजाम हो, लेकिन इस यूनिट ने किसी भी नियम का पालन नहीं किया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे का संज्ञान लिया है और जिला प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायल लोगों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है। गौरतलब है कि अगस्त 2025 से ही एनसीआर जिलों में पटाखों के भंडारण और निर्माण पर प्रतिबंध लागू है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध कारोबार के खतरों को उजागर कर दिया है।