वाराणसी स्नातक एमएलसी चुनाव: भाजपा प्रत्याशी केदार नाथ सिंह ने मानी हार

वाराणसी स्नातक एमएलसी चुनाव में सपा उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा की बड़ी बढ़त के बाद भाजपा प्रत्याशी केदार नाथ सिंह ने अपनी हार स्वीकार कर ली है।

Sushant Singh29 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
वाराणसी स्नातक एमएलसी चुनाव: भाजपा प्रत्याशी केदार नाथ सिंह ने मानी हार

वाराणसी स्नातक एमएलसी चुनाव के नतीजों ने सबको चौंका दिया है। मतगणना के तीसरे दिन भाजपा प्रत्याशी केदार नाथ सिंह ने आधिकारिक तौर पर अपनी हार स्वीकार कर ली है। सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखते हुए उन्होंने इस चुनावी परिणाम को जनता का जनादेश बताया और अपना समर्थन करने वाले मतदाताओं व पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

इस मुकाबले में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा शुरू से ही मजबूत स्थिति में नजर आ रहे थे। मतगणना के दौरान सिन्हा की बढ़त लगातार बढ़ती गई। पहली प्राथमिकता के वोटों की गिनती पूरी होने तक आशुतोष सिन्हा ने 50,462 वोट हासिल किए, जबकि भाजपा के केदार नाथ सिंह को 33,478 वोट मिले। इस तरह सिन्हा ने 16,984 वोटों की एक निर्णायक बढ़त बना ली है। इससे पहले छठे दौर की गिनती के बाद सिन्हा 11,833 वोटों से और नौवें दौर के बाद 16,261 वोटों से आगे चल रहे थे।

तनाव और हंगामे के बीच हुई मतगणना

उत्तर प्रदेश की 11 एमएलसी सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ था, जिसकी गिनती 27 अक्टूबर से शुरू हुई। वाराणसी की यह मतगणना काफी तनावपूर्ण रही। भाजपा कार्यकर्ताओं ने वोटों में हेरफेर और एक एजेंट के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे गिनती की प्रक्रिया में कुछ समय के लिए रुकावट भी आई। हालांकि, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने गिनती रोकने की इन कोशिशों का कड़ा विरोध किया था।

कुल 11 सीटों में से 10 के नतीजे पहले ही आ चुके हैं, जिसमें भाजपा ने 6 और समाजवादी पार्टी ने 4 सीटें जीती हैं। आशुतोष सिन्हा की इस संभावित जीत के साथ ही समाजवादी पार्टी ने वाराणसी की उस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है, जिसे उसने 2020 के विधान परिषद चुनाव में भी जीता था। अब केवल वाराणसी की सीट का औपचारिक परिणाम घोषित होना बाकी है।

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