वाराणसी में जीवंत हुआ कंबोडिया का अंगकोर वाट, दुर्गा पूजा पंडालों में दिख रहे ग्लोबल रंग

Shubham Singh16 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
वाराणसी में जीवंत हुआ कंबोडिया का अंगकोर वाट, दुर्गा पूजा पंडालों में दिख रहे ग्लोबल रंग

दुर्गा पूजा का त्योहार केवल भक्ति और श्रद्धा का संगम नहीं, बल्कि अब कला और रचनात्मकता का एक बड़ा मंच बन चुका है। इस साल देश भर के पूजा पंडालों में परंपरा के साथ-साथ आधुनिकता और वैश्विक वास्तुकला का अद्भुत मेल देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी दुर्गा पूजा पंडाल इस बार दुनिया भर के मशहूर मंदिरों की झलक पेश कर रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

वाराणसी में इस बार विशेष रूप से कंबोडिया के प्रसिद्ध 'अंगकोर वाट' मंदिर की प्रतिकृति तैयार की गई है। प्रीमियम वॉइस क्लब के सचिव रवि अग्रहरि ने बताया कि पहले उन्होंने भारत के विभिन्न मंदिरों को पंडालों के रूप में उतारा था, लेकिन इस बार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर डाली। क्लब के कोषाध्यक्ष डॉ. संजय गुप्ता के सुझाव पर भगवान विष्णु को समर्पित प्राचीन अंगकोर वाट मंदिर का चुनाव किया गया और उसकी हूबहू डिजाइन को पंडाल में उतारा गया है।

सामाजिक मुद्दों और वैश्विक कला का संगम

सिर्फ वाराणसी ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी पंडालों के जरिए गहरे संदेश दिए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक पंडाल को पेपर लीक और दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों जैसे समसामयिक मुद्दों पर आधारित किया गया है, जो यह दिखाता है कि त्योहार अब सामाजिक जागरूकता का माध्यम बन रहे हैं।

वहीं, पश्चिम बंगाल के विभिन्न पंडालों में भी अनोखी थीम देखने को मिल रही हैं:

  • बेहाला: यहां चीन के 'लोंगमैन ग्रोटोस' की थीम पर पंडाल बनाया गया है, जो अपनी प्राचीन बौद्ध नक्काशी के लिए मशहूर है।
  • ठाकुरपुकुर: यहां 'कोलिएरी' यानी कोयला खदान की थीम चुनी गई है, जिसके जरिए भारतीय कोयला खनिकों के संघर्ष और उनकी कठिन जिंदगी को दर्शाया गया है।
  • साल्ट लेक: यहां 'राम की अयोध्या' थीम पर भव्य पंडाल सजाया गया है, जिसमें 3D लाइट एनिमेशन और वीडियो प्रेजेंटेशन का इस्तेमाल किया गया है। इस पंडाल का उद्घाटन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रवींद्र नारायण रवि ने किया।

इस तरह इस साल की दुर्गा पूजा न केवल धार्मिक आस्था को समर्पित है, बल्कि यह कला, संस्कृति और समाज के प्रति संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण पेश कर रही है।

Share:

Comments

Leave a comment