वाराणसी: कफ सिरप तस्करी मामले में वैशाली जायसवाल के खिलाफ वारंट जारी

वाराणसी में कफ सिरप की अवैध तस्करी के काले कारोबार का पर्दाफाश करते हुए अदालत ने एक बड़ी कार्रवाई की है। कोर्ट ने इस मामले में आरोपी वैशाली जायसवाल (उर्फ वैशाली पोसवानी) के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। वैशाली, इस मामले के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल की पत्नी है। पुलिस के अनुसार, शुभम फिलहाल फरार है और आशंका जताई जा रही है कि वह देश से बाहर कहीं छिपा हुआ है।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि तस्करी से कमाए गए अवैध धन का इस्तेमाल विभिन्न संपत्तियों को खरीदने और शराब की दुकानों में निवेश करने के लिए किया गया था। पुलिस अब सिगरा थाना क्षेत्र और अन्य इलाकों में मौजूद उनकी संदिग्ध संपत्तियों की बारीकी से जांच कर रही है।
पुलिस की छापेमारी और फर्जीवाड़े का खुलासा
इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस की नजर कायस्थ टोला, जगतगंज और आरोपियों के रिश्तेदारों के ठिकानों पर है। कोतवाली थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने पुष्टि की है कि फरार आरोपियों को पकड़ना पुलिस की प्राथमिकता है। इस मामले में तीन अन्य संदिग्धों की भी तलाश जारी है।
इसी बीच, रोहनिया पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने विकास सिंह नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने शुभम जायसवाल को अवैध गतिविधियों में मदद करने के लिए एक फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बीच के संबंधों की गहराई से जांच कर रही है।