वाराणसी: BLW में दिखेगी बुराई पर अच्छाई की जीत, 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले का होगा दहन

धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी में विजयादशमी की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (BLW) के मैदान में एक भव्य आयोजन होने जा रहा है, जहां 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। यह आयोजन न केवल शहर बल्कि पूरे पूर्वांचल क्षेत्र के लिए एक बड़ा आकर्षण होता है, जिसे देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ती है।
BLW के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) राजेश सिंह ने बताया कि यहां रावण दहन की परंपरा बहुत पुरानी है, जो BLW की स्थापना से भी पहले की है। इस ऐतिहासिक परंपरा को जीवित रखने के लिए संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर एक 'विजय समिति' का गठन किया है। यह पूरा आयोजन सिनेमा हॉल के मैदान में संपन्न होगा, जहां पर्यावरण का ध्यान रखते हुए इको-फ्रेंडली पुतलों का निर्माण किया गया है।
पुतलों की ऊंचाई और भीड़ का अनुमान
इस बार के आयोजन में केवल रावण ही नहीं, बल्कि उसके भाई कुंभकरण और पुत्र मेघनाद के पुतले भी आकर्षण का केंद्र होंगे। पुतलों की ऊंचाई की बात करें तो रावण का पुतला 70 फीट, कुंभकरण का 65 फीट और मेघनाद का पुतला 60 फीट ऊंचा बनाया गया है।
आयोजकों का अनुमान है कि इस भव्य मेले में लगभग 60,000 से 70,000 लोग शामिल होंगे। पूर्वांचल के सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक होने के कारण यहां सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
विजयादशमी का यह पर्व अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्री राम ने रावण का वध किया था, जिसकी याद में देशभर में पुतला दहन की परंपरा निभाई जाती है। यह उत्सव नौ दिनों तक चलने वाले शारदीय नवरात्रि के समापन के साथ आता है, जो लोगों में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करता है।