वाराणसी: धनतेरस पर खुला मां अन्नपूर्णा का स्वर्ण मंदिर, उमड़ी भक्तों की भारी भीड़
काशी में धनतेरस के मौके पर मां अन्नपूर्णा का स्वर्ण मंदिर भक्तों के लिए खुला। जानें दर्शन का समय और सुरक्षा इंतजाम।

धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में धनतेरस का पर्व बेहद खास अंदाज में मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर मां अन्नपूर्णा का स्वर्ण मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है, जिसे देखने और माता का आशीर्वाद लेने के लिए देश के कोने-कोने से लोग वाराणसी पहुंच रहे हैं। शुक्रवार सुबह 5:00 बजे से ही भक्तों के लिए दर्शन शुरू हो गए, जिसके बाद मंदिर परिसर में लंबी कतारें लग गईं।
मंदिर में सुबह 4:00 बजे से ही विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों की तैयारी शुरू हो गई थी। अभिजीत मुहूर्त में औपचारिक प्रार्थना और आरती संपन्न होने के बाद, भक्तों के उत्साह को देखते हुए मंदिर के कपाट निर्धारित समय से एक घंटा पहले ही खोल दिए गए। खास बात यह है कि माता की यह स्वर्ण प्रतिमा अगले पांच दिनों तक आम जनता के दर्शन के लिए उपलब्ध रहेगी।
श्रद्धा, विश्वास और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
भक्त बड़ी उत्सुकता के साथ माता के दर्शन कर रहे हैं और पारंपरिक 'खजाना' व 'लावा' प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। मान्यता है कि मां अन्नपूर्णा ने भगवान शिव को वचन दिया था कि काशी आने वाला कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोएगा, इसलिए उन्हें अन्न की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। श्रद्धालु यह भी मानते हैं कि मंदिर से मिले फूलों और खजाने को घर के मंदिर या तिजोरी में रखने से सुख-समृद्धि और सफलता मिलती है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस और प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) के जवानों को तैनात किया गया है। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए धुंधी राज मार्ग स्थित गेट नंबर 1 से प्रवेश और कालिका गली से निकास की व्यवस्था की गई है। पूरी व्यवस्था पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमें भी मौके पर मौजूद हैं।
उल्लेखनीय है कि यह अवसर धनवंतरी जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जो समुद्र मंथन के बाद अमृत कलश लेकर प्रकट हुए भगवान धनवंतरी के अवतरण का प्रतीक है।