मेरठ में उत्तर प्रदेश खादी उत्सव का आगाज, स्वदेशी उत्पादों की सजी दुकानें

Sushant Singh18 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
मेरठ में उत्तर प्रदेश खादी उत्सव का आगाज, स्वदेशी उत्पादों की सजी दुकानें

मेरठ के जीआईसी ग्राउंड में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 से उत्तर प्रदेश खादी उत्सव की शानदार शुरुआत हुई है। उत्तर प्रदेश खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित यह दस दिवसीय प्रदर्शनी 25 अक्टूबर तक चलेगी। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण उद्यमियों को एक बड़ा बाजार उपलब्ध कराना और 'हर घर स्वदेशी' के संकल्प के साथ आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाना है।

इस उत्सव का उद्घाटन राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने किया। इस मौके पर मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल, सीवलखस विधायक गुलाम मोहम्मद, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज और मेयर हरिकांत अहलूवालिया भी मौजूद रहे। साथ ही, यूपी खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के सीईओ शिशिर सिंह, सीडीओ नूपुर गोयल और क्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।

एक ही छत के नीचे देश भर की कला और शिल्प

उत्सव में आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र यहां प्रदर्शित विविध उत्पाद हैं। प्रदर्शनी में खादी के कपड़ों के साथ-साथ बनारसी रेशमी साड़ियाँ, कश्मीरी शॉल, गर्म कपड़े, सूखे मेवे और क्रॉकरी की विस्तृत रेंज उपलब्ध है। खास बात यह है कि यहां अलग-अलग शहरों की पहचान को प्रदर्शित किया गया है, जैसे:

  • मुरादाबाद के पीतल के उत्पाद
  • पश्चिम बंगाल की कांथा कढ़ाई
  • बनारस का रेशम
  • पिलखुवा की बेडशीट्स
  • सहारनपुर के लकड़ी के हस्तशिल्प

इस मेले में उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र और बिहार के खादी संस्थानों ने भी हिस्सा लिया है। महात्मा गांधी की विरासत को सम्मान देने के लिए एक विशेष 'गांधी मंडप' बनाया गया है, जहां पारंपरिक चरखा रखा गया है। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक नृत्य और 'स्वदेशी' विषय पर एक नाटक पेश कर सबका मन मोह लिया। साथ ही, महात्मा गांधी पुरस्कार योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को सम्मानित भी किया गया।

त्योहारी सीजन (दुर्गा पूजा, दशहरा, धनतेरस और दिवाली) को देखते हुए इस उत्सव का समय बेहद सटीक रखा गया है। उत्तर प्रदेश सरकार अब खादी की ब्रांडिंग और रिटेल नेटवर्क को और मजबूत करने की योजना बना रही है ताकि युवाओं को इससे जोड़ा जा सके और रोजगार के अवसर बढ़ें। यह कदम खादी और ग्रामोद्योग आयोग के 2.51 लाख करोड़ रुपये के टर्नओवर के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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