UPSSSC PET परीक्षा: परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए इटावा में चलेंगी स्पेशल ट्रेनें और बसें

यूपीएसएसएससी पेट परीक्षा के लिए इटावा में रेलवे और रोडवेज ने कमर कसी। परीक्षार्थियों के लिए स्पेशल ट्रेनें और अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी।

Shubham Singh29 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
UPSSSC PET परीक्षा: परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए इटावा में चलेंगी स्पेशल ट्रेनें और बसें

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (PET) को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। 30 अक्टूबर और 1 नवंबर, 2026 को होने वाली इस बड़ी परीक्षा के लिए इटावा जिले में परिवहन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिले के 22 केंद्रों पर हर शिफ्ट में करीब 10,000 परीक्षार्थियों के पहुंचने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए रेलवे और रोडवेज ने अपनी तैयारी तेज कर दी है।

रेलवे और रोडवेज ने संभाली कमान

परीक्षार्थियों को सफर में कोई परेशानी न हो, इसके लिए उत्तर मध्य रेलवे ने 29 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच चार विशेष अनारक्षित ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। ये ट्रेनें कानपुर सेंट्रल से मथुरा जंक्शन, प्रयागराज से मैनपुरी, अलीगढ़ से कानपुर सेंट्रल और फिरोजाबाद से कानपुर सेंट्रल के बीच चलेंगी। प्रयागराज रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि इन ट्रेनों का उद्देश्य भीड़ को कम करना है। वहीं, एडीआरएम दीपक राज के मुताबिक, इटावा जंक्शन पर जीआरपी, आरपीएफ और अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे निकलने से पहले समय-सारणी जरूर चेक कर लें।

सड़क मार्ग से आने वाले छात्रों के लिए उत्तर प्रदेश रोडवेज ने भी विशेष इंतजाम किए हैं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मयंक कुमार सिंह के अनुसार, रोडवेज ने 10 अतिरिक्त बसें तैनात की हैं और 5 बसों को रिजर्व रखा गया है। लंबी दूरी की बसों के शेड्यूल में बदलाव किया गया है ताकि छोटे रूटों पर बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा सके और छात्र समय पर केंद्र पहुंच सकें।

इतना ही नहीं, जिला प्रशासन ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। जिला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में सभी 22 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों की मदद के लिए प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं और ठहरने के लिए रैन बसेरों व निजी गेस्ट हाउसों का समन्वय किया गया है।

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