प्रयागराज पीडियाट्रिक अस्पताल प्रोजेक्ट में बड़ी गड़बड़ी, कंपनी ब्लैकलिस्ट और इंजीनियरों पर एक्शन

Shubham Singh14 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (UPSIDCO) ने प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू मेडिकल कॉलेज कैंपस में बन रहे पीडियाट्रिक अस्पताल के प्रोजेक्ट में बड़ी धांधली का खुलासा किया है। इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए UPSIDCO ने निर्माण एजेंसी RCB Infracons Private Limited का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया है और कंपनी को पांच साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है।

निगम के प्रबंध निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि कंपनी न केवल प्रोजेक्ट में देरी कर रही थी, बल्कि उसने रजिस्ट्रेशन के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। इतना ही नहीं, कंपनी के डायरेक्टर के खिलाफ लंबित कानूनी मामलों को भी छिपाया गया था। इस धोखाधड़ी के चलते UPSIDCO ने कंपनी की 55 लाख रुपये की सिक्योरिटी और परफॉर्मेंस गारंटी जब्त कर ली है। साथ ही, कंपनी को दिए गए सभी एडवांस पेमेंट की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और प्रोजेक्ट के दूसरे फेज का कॉन्ट्रैक्ट पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।

लापरवाह इंजीनियरों पर गिरी गाज

इस पूरे मामले में केवल कंपनी ही नहीं, बल्कि विभाग के अंदर मौजूद उन अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा गया है जिन्होंने इस गड़बड़ी को नजरअंदाज किया। लापरवाही और बिना जांच के फंड जारी करने के आरोप में तीन इंजीनियरों—पूर्व अधीक्षण अभियंता राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता मनीष कुमार श्रीवास्तव और सहायक अभियंता धर्म शंकर त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।

इसके अलावा, टेंडर प्रक्रिया में खामियों, गलत रजिस्ट्रेशन और कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल में भूमिका के लिए पूर्व अधीक्षण अभियंता के.जी. दुबे और सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता पंकज चोपड़ा के खिलाफ भी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

अब अस्पताल के काम को पूरा करने के लिए इसे 'विभागीय निर्माण इकाई' (DCU) मॉडल के तहत पूरा किया जाएगा, जिसकी निगरानी पूर्व मुख्य अभियंता अरविंद कुमार निर्मल करेंगे। UPSIDCO ने यह भी साफ किया है कि वह अब एक व्यापक जांच करेगा ताकि उन अन्य ठेकेदारों की पहचान की जा सके जिन्होंने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र या जाली दस्तावेजों के जरिए सरकारी प्रोजेक्ट हासिल किए हैं।

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