यूपी पुलिस ने शुरू किया 'ट्रैफिक जागरूकता महीना', नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं
यूपी पुलिस ने सड़क सुरक्षा के लिए 'ट्रैफिक जागरूकता महीना' शुरू किया है। हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।

उत्तर प्रदेश की सड़कों को सुरक्षित बनाने और हादसों पर लगाम लगाने के लिए यूपी पुलिस ने एक बड़ी मुहिम की शुरुआत की है। 1 नवंबर 2026 से पूरे राज्य में यूपी ट्रैफिक जागरूकता महीना शुरू किया गया है। 'सड़क सुरक्षा से जीवन रक्षा' के संदेश के साथ चलने वाला यह अभियान पूरे नवंबर महीने तक जारी रहेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
इस अभियान का आगाज प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़े स्तर पर किया गया। पुलिस अधीक्षकों और जिलाधिकारियों ने रिजर्व पुलिस लाइन्स और अन्य सार्वजनिक स्थलों से जागरूकता रैलियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन रैलियों में पुलिसकर्मियों, ट्रैफिक स्टाफ और एनसीसी कैडेट्स ने हिस्सा लिया और आम जनता को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति सचेत किया।
नियम तोड़े तो रद्द हो सकता है ड्राइविंग लाइसेंस
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस महीने के दौरान नियमों का पालन कराने में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विशेष रूप से हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाने वालों, तय सीमा से अधिक रफ्तार से वाहन चलाने वालों और गलत दिशा (Wrong Side) में ड्राइविंग करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा, शराब पीकर गाड़ी चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बार-बार नियम तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन का रजिस्ट्रेशन तक रद्द किया जा सकता है।
सिर्फ सख्ती ही नहीं, बल्कि इस अभियान में शिक्षा और जागरूकता पर भी जोर दिया गया है। युवाओं को जोड़ने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में आउटरीच प्रोग्राम चलाए जाएंगे। साथ ही, नुक्कड़ नाटकों, निबंध प्रतियोगिताओं और पेंटिंग कॉम्पिटिशन के जरिए सड़क सुरक्षा का संदेश फैलाया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों, छात्रों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई है, ताकि यह समझा जा सके कि सुरक्षित सफर केवल पुलिस की नहीं, बल्कि हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।