जन शिकायतों की अनदेखी पड़ी भारी, यूपी के 10 SHO सस्पेंड
यूपी पुलिस के 10 थाना प्रभारियों पर गिरी गाज। जन शिकायतों को नजरअंदाज करने पर DGP राजीव कृष्णा ने किया सस्पेंड। पढ़ें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश में पुलिस महकमे के भीतर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। डीजीपी राजीव कृष्णा ने जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश के 10 थाना प्रभारियों (SHO) को सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता की समस्याओं को हल्के में लेने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारा की गई इस कार्रवाई के पीछे थाना स्तर पर शिकायतों के निपटारे की समीक्षा रिपोर्ट है। जांच में पाया गया कि कई थानों में फरियादियों की बातों को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा था और तय समय सीमा के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा था। इसी लापरवाही के चलते प्रदेश भर के 10 SHO पर गाज गिरी है।
प्रतापगढ़ के महेशगंज थाने में हड़कंप
इस पूरी कार्रवाई में प्रतापगढ़ जिले का मामला काफी चर्चा में है। यहाँ महेशगंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ राहुल कुमार गौतम को सस्पेंड किया गया है। जिले में इस एक्शन के बाद पुलिस विभाग में खलबली मची हुई है। डीजीपी के इस कदम का सीधा संदेश यह है कि थाना प्रभारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लें और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाएं।
पुलिस विभाग के नियमों के मुताबिक, थाने आने वाले हर शिकायतकर्ता की बात को ध्यान से सुनना और उसकी समस्या का त्वरित समाधान करना अनिवार्य है। डीजीपी राजीव कृष्णा का यह फैसला पुलिस बल के भीतर जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
फिलहाल, महेशगंज थाने की कार्यप्रणाली और वहां शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी की जा रही है। विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी, लेकिन इस सस्पेंशन ने बाकी पुलिस अधिकारियों को भी सतर्क कर दिया है।