यूपी पंचायत चुनाव पर हाई कोर्ट के आदेश का ओम प्रकाश राजभर ने किया स्वागत

उत्तर प्रदेश में स्थानीय शासन की दिशा तय करने वाले यूपी पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक बड़ा निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को अगले तीन महीनों के भीतर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न कराने का आदेश दिया है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस फैसले का खुलकर समर्थन किया है और इसे लोकतंत्र के लिए जरूरी कदम बताया है।
अंबेडकर नगर में मीडिया से बात करते हुए मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सरकार कोर्ट के इस आदेश का सम्मान करती है। जब उनसे समय सीमा को लेकर सवाल पूछा गया, तो राजभर ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि सरकार के सामने चुनाव कराने में कोई बड़ी बाधा नहीं है और समय पर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक तैयारियां काफी हद तक पूरी हो चुकी हैं, मतदाता सूचियां फाइनल हैं और बैलेट पेपर की छपाई का काम भी चल रहा है।
प्रशासनिक तैयारी और कोर्ट का रुख
हाई कोर्ट की जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने यह फैसला इम्तियाज हुसैन और दशरथ यादव द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद लिया। याचिकाकर्ताओं ने चुनाव में हो रही देरी और ग्राम प्रधानों को प्रशासक के तौर पर नियुक्त किए जाने पर आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि जब तक नए चुनाव नहीं हो जाते, तब तक वर्तमान ग्राम प्रधान ही प्रशासक के रूप में अपना कार्यभार संभालते रहेंगे।
एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी रहा कि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ओबीसी आयोग का काम जारी रहेगा, लेकिन चुनाव की प्रक्रिया उसकी कार्यवाही पर निर्भर नहीं होगी। मंत्री राजभर ने कहा कि कोर्ट के आदेश की आधिकारिक कॉपी का गहन अध्ययन करने के बाद सरकार की ओर से एक विस्तृत जवाब दाखिल किया जाएगा, लेकिन फिलहाल सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।