यूपी सरकार का बड़ा कदम: 67.5 लाख बुजुर्गों के खाते में पहुंच रही मासिक पेंशन
उत्तर प्रदेश सरकार 67.5 लाख बुजुर्गों को हर महीने 1,000 रुपये पेंशन दे रही है। जानें पात्रता और किन जिलों में सबसे ज्यादा लाभार्थी हैं।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य के बुजुर्गों को आर्थिक संबल देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में सरकार प्रदेश के सभी 75 जिलों में करीब 67.5 लाख वरिष्ठ नागरिकों को यूपी वृद्धावस्था पेंशन का लाभ पहुंचा रही है। इस योजना के जरिए पात्र बुजुर्गों को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहें।
पारदर्शिता बनाए रखने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। अब पेंशन की राशि 'सिंगल नोडल अकाउंट' (SNA) सिस्टम के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है और पैसा सीधे हकदारों तक पहुंच रहा है।
किसे मिल रहा है लाभ और क्या हैं शर्तें?
इस योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की हैं। सबसे पहले, आवेदक की उम्र कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए और वह गरीबी रेखा (BPL) के नीचे आता हो। आय की सीमा की बात करें तो ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के लिए वार्षिक आय 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्रों के निवासियों के लिए यह सीमा 56,460 रुपये निर्धारित की गई है।
सरकार अब इस प्रक्रिया को और भी आसान बनाने के लिए 'फैमिली आईडी' सिस्टम पर काम कर रही है, जिससे लाभार्थियों की पहचान ऑटोमैटिक तरीके से हो सके और नए आवेदकों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो लाभार्थियों की संख्या के मामले में जौनपुर जिला पूरे प्रदेश में सबसे आगे है, जहां 2,24,345 बुजुर्ग पेंशन पा रहे हैं। इसके बाद आजमगढ़ 1,97,129 और गोरखपुर 1,72,917 लाभार्थियों के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। टॉप दस जिलों की सूची में गाजीपुर, हरदोई, बलिया, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कुशीनगर और अंबेडकर नगर भी शामिल हैं।