यूपी एमएलसी चुनाव: 11 सीटों पर 64.24% मतदान संपन्न, विवादों और झड़पों के बीच वोटिंग खत्म
उत्तर प्रदेश की 11 एमएलसी सीटों पर 64.24% मतदान हुआ। सपा-भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के बीच चुनाव संपन्न।

उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद (MLC) सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान की प्रक्रिया पूरी हो गई। इस चुनाव में कुल 64.24% वोट डाले गए। यह चुनाव पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए था, जिसमें 72 जिलों के 2,697 मतदान केंद्रों पर 152 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। दोपहर 2 बजे तक मतदान का प्रतिशत 40.87% था, लेकिन शाम 4 बजे तक यह काफी बढ़ गया।
मतदान के आंकड़ों पर नजर डालें तो गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक 79.09% मतदान दर्ज किया गया। वहीं, बस्ती में 86.5% और संत कबीर नगर में 86.30% वोट पड़े। अन्य क्षेत्रों की बात करें तो लखनऊ स्नातक में 27.53%, वाराणसी स्नातक में 28.59%, आगरा स्नातक में 32% और मेरठ स्नातक में 30.38% मतदान रहा। शिक्षकों की सीटों पर बरेली-मुरादाबाद में 59.17% और वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 57.97% वोट डाले गए।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और राजनीतिक टकराव
शांतिपूर्ण मतदान के दावों के बीच यह चुनाव विवादों से घिरा रहा। राजनीतिक दलों ने वोटर लिस्ट में भारी विसंगतियों का मुद्दा उठाया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने स्वीकार किया कि 1.48 करोड़ मतदाताओं की सूची में से लगभग 158 प्रविष्टियों में गलत डेटा पाया गया, जिसे अनुवाद सॉफ्टवेयर की गलती बताया गया। पीलीभीत और इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अनियमितताओं की रिपोर्ट मिलने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। पीलीभीत में वोटर लिस्ट की खामियों के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
चुनाव के दौरान माहौल तब गरमा गया जब समाजवादी पार्टी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं। सपा ने फर्जी मतदान और बूथ कैप्चरिंग के गंभीर आरोप लगाए। सैफई (इटावा) में अपना वोट डालने पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, लखनऊ में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अपना मतदान किया।
प्रशासन ने मतदान को पारदर्शी बनाने के लिए वोटर आईडी के अलावा 10 वैकल्पिक पहचान पत्रों को मान्यता दी थी और पूरे राज्य में शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई थी। अब सभी की नजरें 27 अक्टूबर 2026 को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जब इन 11 सीटों के नतीजों का फैसला होगा।