MLC चुनाव: सुरेश खन्ना बोले- सपा इसे अपनी नीतियों की जीत न माने

यूपी एमएलसी चुनाव परिणामों पर मंत्री सुरेश खन्ना का बड़ा बयान, सपा की जीत को नीति की नहीं बल्कि व्यक्तिगत मेहनत की जीत बताया।

Sushant Singh29 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
MLC चुनाव: सुरेश खन्ना बोले- सपा इसे अपनी नीतियों की जीत न माने

उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। 11 सीटों (5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) के लिए हुए इस चुनाव में जहां भाजपा-NDA ने 6 सीटों पर कब्जा जमाया, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की। इस परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सपा की खुशी पर पानी फेर दिया है।

लखनऊ में परिणामों के बाद बात करते हुए सुरेश खन्ना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाजवादी पार्टी को इस प्रदर्शन को अपनी नीतियों या विचारधारा की जीत मानकर जश्न नहीं मनाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जिन उम्मीदवारों ने व्यक्तिगत स्तर पर कड़ी मेहनत की, मतदाताओं ने उन्हें चुना है। मंत्री खन्ना के मुताबिक, यह जीत किसी राजनीतिक प्लेटफॉर्म या विचारधारा का जनादेश नहीं, बल्कि उम्मीदवारों के व्यक्तिगत प्रयासों का नतीजा है।

भाजपा में आत्ममंथन और 2027 की तैयारी

एक तरफ जहां मंत्री खन्ना सपा की जीत को खारिज कर रहे हैं, वहीं भाजपा के भीतर इस चुनाव को लेकर मंथन शुरू हो गया है। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि संगठन में आई अति-आत्मविश्वास और लापरवाही ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया। चर्चा है कि सपा कार्यकर्ताओं ने मतदाता पंजीकरण में अधिक सक्रियता दिखाई, जबकि भाजपा संगठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता के भरोसे रहा और जमीनी स्तर पर उतनी सक्रियता नहीं दिखी।

अब नजरें 2027 के विधानसभा चुनावों पर हैं। इसी रणनीति को तय करने के लिए भाजपा ने हाई-लेवल मीटिंग्स का सिलसिला शुरू कर दिया है। 29 अक्टूबर को पार्टी मुख्यालय में राज्य पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसके बाद 30 अक्टूबर को डॉ. राम मनोहर लोहिया लॉ यूनिवर्सिटी में राज्य कार्यसमिति की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे और समापन भाषण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देंगे। इस बैठक में करीब 2,850 कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है, जहां चुनावी रोडमैप तैयार किया जाएगा।

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं को संयम बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा है कि जीत की खुशी में कोई रैली न निकालें ताकि जनता को असुविधा न हो, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए अपनी खुशी साझा करें।

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