यूपी विधान परिषद चुनाव परिणाम: मेरठ और लखनऊ में भाजपा का कब्जा, वाराणसी-आगरा में सपा आगे

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव परिणामों की घोषणा। जानें मेरठ, लखनऊ, वाराणसी और आगरा सीटों पर किसने मारी बाजी।

Shubham Singh28 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
यूपी विधान परिषद चुनाव परिणाम: मेरठ और लखनऊ में भाजपा का कब्जा, वाराणसी-आगरा में सपा आगे

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 2026 के विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। 23 अक्टूबर को 11 सीटों (पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) के लिए मतदान हुआ था, जिसकी गिनती 27 अक्टूबर से शुरू हुई। अब तक के नतीजों में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला है, जिसमें दोनों दलों ने अपनी-अपनी जीत दर्ज की है।

प्रमुख सीटों पर जीत-हार का समीकरण

अगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की बात करें, तो मेरठ सीट पर भारतीय जनता पार्टी के दिनेश कुमार गोयल ने शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमेंद्र भाटी को करीब 13,000 वोटों के अंतर से मात दी। वहीं, भाजपा ने आगरा स्नातक सीट पर भी डॉ. मनवेन्द्र प्रताप सिंह की जीत का दावा किया है।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी दिलचस्प नतीजे सामने आए हैं:

  • लखनऊ: भाजपा के उमेश द्विवेदी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल की है। उन्होंने सपा के सुशील कुमार को 6,000 से अधिक वोटों से हराया।
  • वाराणसी: यहां समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने बाजी मारी और भाजपा के प्रमोद मिश्रा को 5,015 वोटों के अंतर से हराया।
  • आगरा: सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल ने बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा के हरि किशोर तिवारी को 13,087 वोटों से शिकस्त दी।
  • मेरठ: शिक्षक सीट पर भाजपा के श्री चंद्र शर्मा ने सपा के नितिन तोमर को हराकर जीत हासिल की।
  • बरेली-मुरादाबाद: भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने बड़ी बढ़त बनाते हुए सपा के दानिश अख्तर को 17,676 वोटों से हराया। उन्हें बरेली मंडल आयुक्त शंभु कुमार ने निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा।

चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने सात केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और वीडियोग्राफी के सख्त निर्देश दिए थे। फिलहाल गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सहित कुछ अन्य सीटों पर मतगणना जारी है, जहां चौथे दौर तक भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी बढ़त बनाए हुए हैं।

इसके साथ ही, भारत निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है कि पिछले चुनावों में तैनात रहे अधिकारियों को 2027 के आगामी विधानसभा आम चुनावों के लिए उन्हीं जिलों में दोबारा तैनात नहीं किया जाएगा।

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