वोटर लिस्ट में गड़बड़ी: यूपी चुनाव कार्यालय ने आउटसोर्स ऑपरेटरों की आईडी की बंद
यूपी चुनाव कार्यालय ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के बाद आउटसोर्स ऑपरेटरों की आईडी डीएक्टिवेट की। पीलीभीत में मिली बड़ी अनियमितता।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने वोटर रजिस्ट्रेशन पोर्टल 'ECINET' में हुई भारी अनियमितताओं और अनधिकृत एक्सेस के बाद एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने राज्य के सभी जिलों में आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटरों (VRC सहायकों) की लॉगिन आईडी को तुरंत डीएक्टिवेट करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने और वोटर लिस्ट में किसी भी तरह की हेराफेरी को रोकने के लिए की गई है।
पीलीभीत में पकड़ा गया बड़ा खेल, हजारों फॉर्म हुए गलत प्रोसेस
इस पूरे मामले की जड़ पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र (AC-127) में सामने आई। जांच में पता चला कि यहां एक आउटसोर्स कंप्यूटर असिस्टेंट ने पोर्टल के क्रेडेंशियल्स का गलत इस्तेमाल किया। आंकड़ों के मुताबिक, 31 मई 2026 से 29 अगस्त 2026 के बीच ECINET पोर्टल पर कुल 13,779 फॉर्म अनियमित तरीके से प्रोसेस किए गए, जिनमें से 10,470 आवेदनों को मंजूरी दे दी गई। इस गंभीर लापरवाही के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने संबंधित फर्म को निर्देश दिए हैं कि दोषी ऑपरेटर की सेवाएं तत्काल समाप्त की जाएं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (EROs) इन ऑपरेटर आईडी को बंद करें। आईडी बंद होने के बाद इसकी पुष्टि EROs को करनी होगी और फिर DEOs को इसकी अनुपालन रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजनी होगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि कुछ अधिकारी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर वोटर लिस्ट में हेराफेरी कर रहे हैं, जिसमें विपक्षी समर्थकों के नाम हटाकर सत्तापक्ष के लोगों के नाम जोड़े जा रहे हैं। यादव ने यह भी आरोप लगाया था कि एसडीएम स्तर के अधिकारी अपनी लॉगिन आईडी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को सौंप रहे हैं।
चुनाव कार्यालय ने अब चेतावनी जारी की है कि भविष्य में यदि यूजर आईडी, पासवर्ड या ओटीपी साझा करने जैसी कोई भी लापरवाही पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।