यूपी में ड्राइविंग टेस्ट के लिए लगेगा नया यूजर चार्ज, परिवहन विभाग ने तय की फीस

Shubham Singh18 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
यूपी में ड्राइविंग टेस्ट के लिए लगेगा नया यूजर चार्ज, परिवहन विभाग ने तय की फीस

अगर आप उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो अब आपको अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी होगी। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग राज्य के मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर्स (ADTCs) में ड्राइविंग टेस्ट के लिए नए 'यूजर चार्ज' लागू करने की योजना बना रहा है। इस नए नियम के आने के बाद अब आवेदकों को टेस्ट देने के लिए अलग से शुल्क देना होगा, जो सीधे उन निजी केंद्रों को मिलेगा जो यह सुविधा दे रहे हैं।

परिवहन विभाग द्वारा तय किए गए नए शुल्क ढांचे के मुताबिक, दोपहिया वाहनों (Two-wheelers) के लिए 50 रुपये, हल्के मोटर वाहनों (LMV) के लिए 100 रुपये और भारी मोटर वाहनों (HMV) के लिए 150 रुपये का यूजर चार्ज देना होगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह चार्ज सरकारी फीस से अलग होगा। फिलहाल, लाइसेंस के लिए कुल 1,350 रुपये की सरकारी फीस लगती है, जिसमें 350 रुपये लर्नर लाइसेंस और 1,000 रुपये स्थायी लाइसेंस के लिए होते हैं।

टेस्ट में फेल होने पर लगेगा भारी जुर्माना और ट्रेनिंग की शर्त

नया नियम सिर्फ फीस तक सीमित नहीं है, बल्कि टेस्ट में फेल होने वालों के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। यदि कोई आवेदक ADTC में दो बार ड्राइविंग टेस्ट में फेल हो जाता है, तो उसे 6,000 रुपये की लागत पर 28 दिनों का अनिवार्य वाहन प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करना होगा। इस ट्रेनिंग को पूरा करने के बाद आवेदक को बिना किसी और टेस्ट के लाइसेंस जारी किया जा सकता है।

वहीं, जो लोग तीन बार टेस्ट में असफल रहते हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने से पहले 60 दिनों का इंतजार करना होगा। इसके बाद हर नए प्रयास के लिए 300 रुपये की टेस्ट फीस देनी होगी। हालांकि, राहत की बात यह है कि जो लोग ADTC से 28 दिनों की ट्रेनिंग पूरी कर 'फॉर्म-5' सर्टिफिकेट हासिल कर लेते हैं, उन्हें पारंपरिक ड्राइविंग टेस्ट की अनिवार्यता से छूट मिल सकती है।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में ऐसे 32 ट्रेनिंग सेंटर काम कर रहे हैं, जिनमें लखनऊ के काकोरी स्थित उदितखेड़ा केंद्र भी शामिल है। फिलहाल लर्नर लाइसेंस की प्रक्रिया ऑनलाइन है, लेकिन स्थायी लाइसेंस के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और प्रैक्टिकल टेस्ट के लिए आरटीओ (RTO) या एआरटीओ (ARTO) कार्यालय जाना अनिवार्य है।

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