अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ी: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने केंद्र के फैसले का किया स्वागत

केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की सेवा अवधि 2 साल बढ़ाई है, जिसका यूपी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्वागत किया है।

Sushant Singh5 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ी: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने केंद्र के फैसले का किया स्वागत

केंद्र सरकार द्वारा अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों की सेवा अवधि में दो साल की बढ़ोतरी के फैसले का उत्तर प्रदेश सरकार ने जोरदार स्वागत किया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस कदम को युवाओं की एक पुरानी और महत्वपूर्ण मांग का समाधान बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश के सभी अग्निवीरों को बधाई दी है।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि यह फैसला उन युवाओं के लिए बड़ी राहत है जो देश की सेवा के लिए अग्निपथ योजना से जुड़े हैं। वहीं, यूपी कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने भी इस निर्णय का समर्थन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सेवा अवधि बढ़ने से अग्निवीरों को न केवल अतिरिक्त अनुभव मिलेगा, बल्कि उनके कौशल में भी निखार आएगा, जिससे भविष्य में उनके करियर के अवसर और बेहतर होंगे।

अब 6 साल तक मिल सकेगी सेवा, बढ़ेगा वेतन और अनुभव

नई व्यवस्था के मुताबिक, अग्निपथ योजना के तहत शुरुआती चार साल की सेवा पहले की तरह ही रहेगी। इस अवधि के बाद मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित रूप से सेना में शामिल कर लिया जाएगा। बाकी बचे 75 प्रतिशत अग्निवीरों के पास अब अपनी इच्छा के अनुसार दो साल और सेवा करने का विकल्प होगा।

इस अतिरिक्त दो साल की अवधि के दौरान उन्हें बेहतर वेतन, बढ़ा हुआ सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता के लाभ मिलेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छह साल की कुल सेवा पूरी करने के बाद, इन अग्निवीरों को निर्धारित चयन मानदंडों और उनकी इच्छा के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का मौका दिया जाएगा।

बता दें कि यह फैसला अग्निपथ योजना के शुरुआती चार वर्षों की समीक्षा के बाद लिया गया है। रक्षा बलों ने अग्निवीरों के प्रदर्शन, शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और तकनीकी अनुकूलन क्षमता पर सकारात्मक फीडबैक दिया था। इस योजना के जरिए भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया गया है और अब रक्षा बलों की विभिन्न शाखाओं में महिलाओं के लिए भी रास्ते खुले हैं।

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