'वोट चोरी' के खिलाफ दिल्ली कूच करेगी यूपी कांग्रेस, 1 नवंबर को जुटेंगे 2 लाख कार्यकर्ता
यूपी कांग्रेस 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट चोरी' के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेगी। जानें क्या है पूरी तैयारी।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल 'वोट चोरी' विरोध रैली आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस न केवल चुनावी अनियमितताओं को उजागर करना चाहती है, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी करेगी।
इस महा-रैली को सफल बनाने के लिए यूपी कांग्रेस ने कमर कस ली है और प्रदेश भर से करीब 2 लाख कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' और राज्य प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम इस पूरे अभियान की कमान संभाल रहे हैं। कार्यकर्ताओं में जोश भरने और रणनीति तैयार करने के लिए पार्टी ने प्रदेश को छह जोन में बांटा है, जहां लगातार बैठकें की जा रही हैं।
तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए ज़ोनल मीटिंग्स
कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक ताकत को जमीन पर उतारने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई है। अवध, बुंदेलखंड और पूर्वांचल ज़ोन की बैठकें पहले ही पूरी हो चुकी हैं। अब आगामी दिनों में प्रयागराज में 25 अक्टूबर को प्रयाग ज़ोन, 26 अक्टूबर को अलीगढ़ में ब्रज ज़ोन और 27 अक्टूबर को मुरादाबाद में पश्चिमी ज़ोन की महत्वपूर्ण बैठकें होंगी।
पार्टी का मुख्य फोकस युवाओं और नागरिक समाज के समूहों को इस आंदोलन से जोड़ना है। जिला, ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाल ही में अवध ज़ोन की बैठक में एआईसीसी सचिव अब्दुल मन्नान और अभिषेक दत्त ने छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों से इस लड़ाई में शामिल होने की अपील की है।
इस बीच, इंडिया (INDIA) गठबंधन भी मतदाता सूची विवाद को लेकर एक संयुक्त कार्ययोजना पर काम कर रहा है, जिसमें 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च और विभिन्न रैलियां शामिल हो सकती हैं। दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में इस कार्यक्रम के लिए 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक का अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी कर दिया है।
हालांकि, भाजपा ने रैली की तारीख को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है और इसे 1984 के सिख विरोधी दंगों की तारीख से जोड़ा है। इसके जवाब में मीडिया विभाग के अध्यक्ष कुंवर सिंह निषाद ने स्पष्ट किया है कि पार्टी इस कानूनी लड़ाई को निर्णायक मोड़ देने के लिए प्रतिबद्ध है और रामलीला मैदान में अपनी ताकत दिखाएगी।