यूपी कांग्रेस मुख्यालय में बवाल: विवाद की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी गठित

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के राज्य मुख्यालय में हाल ही में हुए हंगामे और सार्वजनिक विवाद ने पार्टी के भीतर की कलह को उजागर कर दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए यूपी कांग्रेस ने एक पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है, जो इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल करेगी। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब नई राज्य अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के कार्यभार संभालने के समारोह के दौरान पार्टी के दो दिग्गजों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।
यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस (केंद्रीय क्षेत्र) की अध्यक्ष ममता चौधरी और पूर्व राज्य अध्यक्ष अजय राय के बीच के टकराव से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के निर्देश पर इस जांच पैनल का गठन किया गया है, जिसकी कमान पूर्व राज्य अध्यक्ष बृजलाल खबरी को सौंपी गई है। इस कमेटी में सह-प्रभारी अभिषेक दत्त, अब्दुल हन्नान, पूर्व सांसद रवि वर्मा और महिला कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शमीना शफीक को शामिल किया गया है।
गंभीर आरोप और पार्टी में रार
इस विवाद में दोनों पक्षों की ओर से बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ममता चौधरी का दावा है कि अजय राय ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें 'अपनी हद में रहने' की चेतावनी दी। इतना ही नहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि राय के समर्थकों ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और इस पूरे प्रकरण में जाति आधारित भेदभाव भी किया गया।
दूसरी ओर, अजय राय ने इन आरोपों को नकारते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को एक औपचारिक शिकायत सौंपी है। उन्होंने ममता चौधरी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और उन्हें संगठन से निष्कासित करने की मांग की है। विवाद के बाद अजय राय अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी रवाना हो गए, जहां वे संगठनात्मक कार्यों में व्यस्त हैं।
प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने स्पष्ट किया है कि यह जांच समिति सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंपेगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, भाजपा जैसे राजनीतिक विरोधियों ने इस घटना को कांग्रेस की आंतरिक फूट के रूप में पेश किया है, लेकिन पार्टी नेतृत्व अब इस औपचारिक जांच के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहा है।