यूपी भाजपा की नई संगठनात्मक सूची: दोहरी नियुक्ति के दावों से मचा बवाल

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई संगठनात्मक सूची चर्चा का विषय बन गई है। पार्टी ने अनुसूचित जाति मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, महिला मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा जैसे विभिन्न विंग्स में नए चेहरों को जगह दी है। हालांकि, इन नियुक्तियों के बाद पार्टी के भीतर एक अजीब सा भ्रम और विवाद पैदा हो गया है। चर्चा यह है कि एक ही महिला नेता को पिछड़ा वर्ग मोर्चा में राज्य मंत्री और महिला मोर्चा में राज्य उपाध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया गया है, जिसने संगठन में हलचल मचा दी है।
बता दें कि ये सभी नियुक्तियां राज्य पार्टी अध्यक्ष पंकज चौधरी के अधिकार के तहत की गई हैं, जिन्होंने 14 दिसंबर 2025 को अपना पद संभाला था। महिला मोर्चा की टीम में जहां 12 उपाध्यक्ष, दो महासचिव और 11 मंत्री शामिल किए गए हैं, वहीं पिछड़ा वर्ग मोर्चा में 12 उपाध्यक्ष, चार महासचिव और 12 मंत्रियों की तैनाती की गई है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इन सूचियों पर पंकज चौधरी की मंजूरी है, लेकिन अंदरूनी गलियारों में यह अटकलें तेज हैं कि पार्टी नेतृत्व को इन पदों के सटीक विवरण के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी।
जातीय समीकरण और महिलाओं की भागीदारी पर जोर
भाजपा का यह संगठनात्मक फेरबदल क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी ने इस बार महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने का लक्ष्य रखा है और संगठन में नए चेहरों को आगे लाने की कोशिश की है। यह कदम पार्टी की उस व्यापक योजना से मेल खाता है, जिसमें हाल ही में राज्यसभा के आठ उम्मीदवारों में प्रियंका सिंह रावत (पूर्व सांसद, बाराबंकी) और श्रुति गंगवार जैसी दो महिला उम्मीदवारों को नामित किया गया था। फिलहाल, दोहरी नियुक्ति के दावों पर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस घटनाक्रम ने कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा छेड़ दी है।