यूपी चुनाव सर्वे: बीजेपी गठबंधन को बड़ी बढ़त, विपक्ष के लिए मुश्किल चुनौती

Shubham Singh16 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
यूपी चुनाव सर्वे: बीजेपी गठबंधन को बड़ी बढ़त, विपक्ष के लिए मुश्किल चुनौती

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट अभी से तेज हो गई है। हाल ही में आए दो बड़े सर्वे ने राज्य के सियासी समीकरणों की एक ऐसी तस्वीर पेश की है, जिसने विपक्षी खेमे की चिंताएं बढ़ा दी हैं। न्यूज़ लीडर और मैट्रिज़ द्वारा जारी एक सर्वे के मुताबिक, बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन को राज्य की 403 सीटों में से 267 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के लिए राह कठिन नजर आ रही है, जिसके हिस्से केवल 132 सीटें जाने का अनुमान लगाया गया है।

सर्वे के आंकड़ों में बसपा और अन्य छोटे दलों की स्थिति काफी कमजोर दिख रही है, जिन्हें महज दो-दो सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्ष का शोर फिलहाल मीडिया तक ही सीमित है, जबकि जमीन पर बीजेपी की पकड़ मजबूत बनी हुई है।

योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता और जनता का मूड

एक अन्य मेगा सर्वे, जो न्यूज़18 और पीवैल्यू एनालिटिक्स द्वारा किया गया, इस ट्रेंड की पुष्टि करता है। इस सर्वे के अनुसार, उत्तर प्रदेश की जनता में एनडीए के प्रति 66.6% समर्थन है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 66.2% लोग चाहते हैं कि योगी आदित्यनाथ ही राज्य के मुख्यमंत्री बने रहें। इसके मुकाबले सपा-कांग्रेस गठबंधन को 26.4% और बसपा को केवल 5.4% समर्थन मिला है।

वोटरों ने बीजेपी के प्रति अपने झुकाव की मुख्य वजह कानून व्यवस्था में सुधार, बेहतर बुनियादी ढांचे और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना बताया है। हालांकि, सर्वे में यह भी सामने आया कि महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दे युवाओं के बीच अभी भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

इस बीच, राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी इस समय बेहद कमजोर स्थिति में है और 2027 के चुनाव में उसका पूरी तरह सफाया हो सकता है। दूसरी ओर, सपा इस चुनाव को अपने अस्तित्व की लड़ाई मान रही है और अपनी किस्मत पलटने के लिए भारी दबाव में है।

राज्य की राजनीति में नए चेहरों की एंट्री भी हो रही है। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्य मित्तल ने 15 अक्टूबर 2026 को 'जनेती भारत' नाम से एक नई पार्टी लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य जवाबदेही तय करना है। इस कदम को पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर का भी समर्थन मिला है। साथ ही, मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं, जिसमें लाखों महिलाओं के नाम हटाए जाने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है।

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