यूपी चुनाव सर्वे: योगी आदित्यनाथ को मिला भारी समर्थन, मायावती ने बताया 'फर्जी'

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। हाल ही में सामने आए एक डिजिटल सर्वे ने राज्य के सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। इस उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सर्वे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसने विपक्षी दलों की नींद उड़ा दी है।
न्यूज18 द्वारा कराए गए इस मेगा ओपिनियन पोल में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच प्रदेश के सभी 75 जिलों में करीब 30,925 लोगों से राय ली गई। सर्वे के मुताबिक, 66.2% लोग योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं, जबकि अखिलेश यादव को 24.4% लोगों का समर्थन मिला है। गठबंधन की बात करें तो भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 66.6% समर्थन मिला, वहीं सपा-कांग्रेस गठबंधन 26.4% और बसपा 5.4% पर सिमट गई।
मायावती का पलटवार और अखिलेश की 'PDA' रणनीति
इस सर्वे के नतीजों पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इन आंकड़ों को पूरी तरह 'फर्जी और भ्रामक' करार दिया है। मायावती का आरोप है कि ऐसे सर्वे पैसे के दम पर कराए जाते हैं ताकि जनता का ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे मीडिया के इन दावों से घबराएं नहीं। मायावती ने 2007 के चुनावों का उदाहरण देते हुए याद दिलाया कि जमीनी हकीकत अक्सर सर्वे के अनुमानों से बिल्कुल अलग होती है।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव अपनी 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति पर मजबूती से टिके हुए हैं। अखिलेश का मानना है कि पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों का साथ, युवाओं का जोश और पारंपरिक मुस्लिम-यादव वोट बैंक मिलकर भाजपा को कड़ी चुनौती देगा।
सियासी गहमागहमी के बीच अब चुनावी तैयारी का अगला चरण शुरू हो चुका है। 17 अक्टूबर 2026 से पूरे उत्तर प्रदेश में मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे यह साफ है कि सभी पार्टियां अब 2027 की जंग के लिए अपनी बिसात बिछा चुकी हैं।