उन्नाव: मिशन शक्ति के तहत छात्रा रूपाली बनीं एक दिन की एसएचओ, संभाली थाने की कमान

उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति' अभियान ने एक बार फिर महिला सशक्तिकरण की एक अनूठी मिसाल पेश की है। उन्नाव जिले में नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद दिलचस्प पहल की गई, जिसमें कक्षा 11 की छात्रा रूपाली को एक दिन के लिए आसिवन थाने का स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) नियुक्त किया गया। इस मौके पर रूपाली ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से देखा, बल्कि जनता की शिकायतों को सुनकर प्रशासनिक अनुभव भी हासिल किया।
पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के भीतर आत्मविश्वास जगाना और उन्हें कानून व्यवस्था के कामकाज से रूबरू कराना था। रूपाली ने एसएचओ की कुर्सी संभालते हुए थाने आने वाले फरियादियों की समस्याओं को सुना और पुलिसकर्मियों के कामकाज का जायजा लिया। यह पूरी प्रक्रिया उन्हें भविष्य में प्रशासनिक सेवाओं के प्रति प्रेरित करने के लिए डिजाइन की गई थी।
जिले की अन्य छात्राओं ने भी संभाली जिम्मेदारी
सिर्फ रूपाली ही नहीं, बल्कि जिले के अन्य थानों में भी छात्राओं को नेतृत्व का मौका दिया गया। बांगर्मऊ कोतवाली में कक्षा 12 की छात्रा गरिमा तिवारी ने स्टेशन इंचार्ज के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई। वहीं, आसिवन थाने में ही कक्षा 12 की छात्रा समीक्षा सिंह ने भी सक्रिय भूमिका निभाई, जहां उन्होंने याचिकाकर्ताओं की शिकायतों का निपटारा किया और पुलिस स्टाफ से लंबित मामलों के समाधान को लेकर सवाल पूछे।
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रशासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति का छठा चरण (Phase 6.0) पूरे प्रदेश के 75 जिलों में 11 से 20 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इस अभियान का लक्ष्य महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करना है। इससे पहले 13 अक्टूबर को आईजी किरण एस. द्वारा एक जागरूकता रैली भी निकाली गई थी, जिसमें साइबर अपराधों से बचाव और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया गया था।