राम मंदिर से भगवान नरसिंह तक, देश भर में दुर्गा पूजा पंडालों की अनोखी थीम ने मोहा मन

Shubham Singh18 October 20262 min read0 views
राम मंदिर से भगवान नरसिंह तक, देश भर में दुर्गा पूजा पंडालों की अनोखी थीम ने मोहा मन

देशभर में दुर्गा पूजा का उत्सव पूरे उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस बार पूजा समितियों ने अपनी रचनात्मकता से भक्तों को हैरान कर दिया है। मंदिरों की वास्तुकला, हिंदू पौराणिक कथाओं और पारंपरिक कला से प्रेरित होकर कई अद्भुत पंडाल तैयार किए गए हैं, जो न केवल आस्था का केंद्र बन गए हैं, बल्कि लोगों के लिए आकर्षण का मुख्य बिंदु भी हैं।

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में 'शक्तिगढ़ उज्ज्वल संघ' द्वारा बनाया गया पंडाल चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां आयोजकों ने अयोध्या के भव्य राम मंदिर की हूबहू प्रतिकृति तैयार की है। लगभग 60 फीट ऊंचा यह केसरिया रंग का ढांचा श्रद्धालुओं को सीधे अयोध्या की याद दिला रहा है, जिससे पंडाल की रौनक और बढ़ गई है।

वाराणसी में भगवान नरसिंह और पुरी में फलों की कलाकृति

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी इस बार कुछ खास देखने को मिल रहा है। शहर के सिगरा इलाके में एक पंडाल भगवान विष्णु के चौथे अवतार, भगवान नरसिंह को समर्पित किया गया है। इस थीम के जरिए नरसिंह भगवान और राक्षस राजा हिरण्यकशिपु के वध की पौराणिक कथा को दर्शाया गया है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

वहीं, ओडिशा के पुरी बीच पर पद्म श्री पुरस्कार विजेता सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने एक अनोखा प्रयोग किया है। उन्होंने माँ दुर्गा की एक ऐसी इंस्टॉलेशन बनाई है जिसमें 32 तरह के फलों और सब्जियों का इस्तेमाल किया गया है। इसमें 22 सब्जियां और 10 फल शामिल हैं, जिसके जरिए उन्होंने भक्ति के साथ-साथ प्रकृति की सुंदरता और प्राकृतिक संसाधनों के रचनात्मक उपयोग का संदेश दिया है।

दुर्गा पूजा का यह पर्व महिषासुर पर माँ दुर्गा की विजय का उत्सव है। महा सप्तमी, महा अष्टमी, महा नवमी और विजयादशमी जैसे महत्वपूर्ण दिनों पर लोग बड़ी संख्या में इन पंडालों को देखने पहुँच रहे हैं। पारंपरिक अनुष्ठानों और भक्ति संगीत के बीच, ये कलात्मक पंडाल इस त्योहार के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को और अधिक बढ़ा रहे हैं।

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