प्रयागराज: TGT-PGT भर्ती के लिए पुराने नियमों की मांग, चौथे दिन भी डटे अभ्यर्थी

प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती के पुराने नियमों की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। पुलिस ने शिक्षा निदेशालय पर भारी बैरिकेडिंग की।

Sushant Singh29 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
प्रयागराज: TGT-PGT भर्ती के लिए पुराने नियमों की मांग, चौथे दिन भी डटे अभ्यर्थी

प्रयागराज में TGT-PGT शिक्षक भर्ती के पुराने नियमों को लागू करने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों का आंदोलन अब चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा निदेशालय के मुख्य गेट को पूरी तरह जाम कर दिया, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को वहां भारी बैरिकेडिंग करनी पड़ी।

यह पूरा विवाद सोमवार, 26 अक्टूबर से शुरू हुआ। दरअसल, अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट के साथ बैठक की थी, लेकिन जब उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब सैकड़ों छात्रों ने पुलिस के चार स्तर के बैरिकेड्स को तोड़ते हुए शिक्षा निदेशालय के परिसर में प्रवेश कर लिया।

प्रदर्शन के दौरान बवाल और पुलिस की कार्रवाई

परिसर में घुसे प्रदर्शनकारियों पर कार्यालय के फर्नीचर को नुकसान पहुंचाने और कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करने के आरोप लगे हैं। निदेशालय के केयरटेकर मोहम्मद सैफी की शिकायत पर सिविल लाइंस पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और दंगे भड़काने के आरोप में करीब 200 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

अभ्यर्थियों की मुख्य मांग यह है कि नए नियमों के कारण प्रभावित उम्मीदवारों को पुराने नियमों के तहत परीक्षा में बैठने का एक और मौका दिया जाए। साथ ही, वे नए दिशा-निर्देशों में शामिल 50 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता को हटाने की मांग कर रहे हैं।

बता दें कि यह कोई पहला विरोध प्रदर्शन नहीं है। इससे पहले 5 सितंबर से 23 सितंबर तक अभ्यर्थियों ने पत्थर गिरजाघर पर 19 दिनों तक भूख हड़ताल की थी, लेकिन तब भी कोई समाधान नहीं निकला। प्रशासन ने 28 अक्टूबर की रात को बातचीत की कोशिश की, लेकिन छात्र अब सरकार या संबंधित आयोग से लिखित आदेश की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन कानूनी केस और डर दिखाकर उनकी शांतिपूर्ण आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है।

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