शिक्षक भर्ती आरक्षण विवाद: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास का अभ्यर्थियों ने किया घेराव

Sushant Singh19 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
शिक्षक भर्ती आरक्षण विवाद: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास का अभ्यर्थियों ने किया घेराव

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब 68500 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव कर दिया। शिक्षक भर्ती आरक्षण विवाद को लेकर प्रदर्शन कर रहे इन अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों की अनदेखी की गई है और यह एक बड़े 'आरक्षण घोटाले' का हिस्सा है।

प्रदर्शनकारियों ने मौके पर जमकर नारेबाजी की। अभ्यर्थियों ने "ऐसी क्या मजबूरी है, आरक्षण की चोरी है" और "पिछड़ा आयोग ने माना है, आरक्षण घोटाला है" जैसे नारे लगाते हुए सरकार से न्याय की गुहार लगाई। अभ्यर्थियों का मुख्य मुद्दा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवारों के लिए क्वालीफाइंग अंकों में 5% की छूट न मिलना है। उनकी मांग है कि 150 में से 60 अंक प्राप्त करने वाले आवेदकों को योग्य माना जाए और परिणामों में संशोधन किया जाए।

पुलिस कार्रवाई और सरकार का पक्ष

प्रदर्शन के दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब भीड़ और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।

अभ्यर्थियों का दावा है कि 10 सितंबर 2026 को एक बैठक के दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने अनियमितताओं को स्वीकार किया था। साथ ही, उन्होंने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की 16 जून 2026 की सिफारिश का हवाला दिया, जिसमें राहत देने की बात कही गई थी।

दूसरी ओर, राज्य सरकार का रुख साफ है। सरकार का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्रता मानदंडों में बदलाव करना कानूनी रूप से सही नहीं है। इस बात को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने भी 16 अप्रैल 2024 को अपने फैसले में समर्थन दिया था। हालांकि, सालों से संघर्ष कर रहे अभ्यर्थी अब मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस विवाद को सुलझाने की मांग कर रहे हैं।

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