68500 शिक्षक भर्ती: लखनऊ में अभ्यर्थियों का हल्लाबोल, शेड्यूल के लिए दिया अल्टीमेटम

लखनऊ के इको गार्डन में 68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। 25 अक्टूबर तक शेड्यूल न आने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।

Shubham Singh23 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
68500 शिक्षक भर्ती: लखनऊ में अभ्यर्थियों का हल्लाबोल, शेड्यूल के लिए दिया अल्टीमेटम

उत्तर प्रदेश की शिक्षक भर्ती समय सारणी को लेकर लखनऊ के इको गार्डन में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2018 के उम्मीदवार पिछले 53 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। अब इन अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 25 अक्टूबर तक भर्ती का शेड्यूल जारी नहीं किया गया, तो पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवार 26 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उस आदेश को लागू करने की है, जिसमें 5% अंकों की छूट देने की सिफारिश की गई थी। इसके तहत ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 150 में से 60 अंक (40%) को न्यूनतम अर्हता माना जाए और उसके आधार पर संशोधित चयन सूची जारी की जाए। इस मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा इस कदर बढ़ा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम 'रक्त पत्र' अभियान चलाया और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के आवास का घेराव भी किया।

मंत्री राजभर से मुलाकात, लेकिन समाधान का इंतज़ार

हाल ही में प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर से मुलाकात कर उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा। मंत्री राजभर ने भरोसा दिलाया है कि वंचित वर्गों के हितों की रक्षा की जाएगी और बेसिक शिक्षा विभाग की तकनीकी या कानूनी खामियों को दूर किया जाएगा। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप और 'दस्तक दो' अभियान के बाद भी पिछले 22 दिनों से कोई ठोस आदेश जारी नहीं हुआ है।

इस पूरे मामले में कानूनी पेच भी काफी उलझे हुए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अप्रैल 2024 में अतिरिक्त छूट की मांगों को खारिज कर दिया था, जबकि अगस्त में 27,713 रिक्त पदों के लिए अलग भर्ती प्रक्रिया का आदेश दिया गया था। दूसरी ओर, सरकार ने 21,000 नए शिक्षकों और प्रशिक्षकों की भर्ती की योजना भी बनाई है, जिसमें शहरी स्कूलों के लिए 10,000 पद शामिल हैं। लेकिन 68,500 भर्ती के अभ्यर्थी अपनी पुरानी मांगों के पूरा होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

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