लखनऊ: 68,500 शिक्षक भर्ती प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने विधानसभा के बाहर से हिरासत में लिया
लखनऊ विधानसभा के बाहर 68,500 शिक्षक भर्ती की मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने हिरासत में लिया और इको गार्डन भेजा।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब दे गया। शनिवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विधानसभा के बाहर जमा हो गए और अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। हालात तब तनावपूर्ण हो गए जब अभ्यर्थी सड़क पर लेट गए और सीटियों व घंटियों के शोर से पूरे इलाके को गुंजा दिया। इस हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
बता दें कि ये अभ्यर्थी पिछले 63 दिनों से इको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी गंभीर विसंगतियां हैं। उनकी मांग है कि सरकार आरक्षण के इन त्रुटिपूर्ण आंकड़ों को जल्द से जल्द सुधारे और संशोधित परिणाम जारी करे। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि वे दिवाली से पहले नियुक्ति पत्र और औपचारिक नियुक्ति कार्यक्रम की मांग कर रहे हैं।
आरक्षण और नियुक्ति को लेकर क्या हैं मुख्य मांगें?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेशों के अनुसार आरक्षण का पालन किया जाना चाहिए। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- ओबीसी (OBC) श्रेणी के उम्मीदवारों को नियमानुसार नियुक्ति दी जाए।
- दिव्यांगों, पूर्व सैनिकों और स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों के लिए आरक्षित पदों पर नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
- आरक्षण विसंगतियों को दूर कर संशोधित भर्ती परिणाम तत्काल जारी किया जाए।
विधानसभा के बाहर हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच काफी धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर वापस इको गार्डन भेज दिया। फिलहाल, अभ्यर्थी अब भी अपनी नियुक्तियों के इंतजार में धरने पर डटे हुए हैं और सरकार से ठोस समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।