शाहजहाँपुर: कवि तबरेज मुरब्बा राणा ने कविता के जरिए मांगा राजनीतिक बदलाव, आजम खान के मुद्दे पर उठाए सवाल

मशहूर कवि तबरेज मुरब्बा राणा ने शाहजहाँपुर में आजम खान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर सवाल उठाए और 2027 चुनाव तक बदलाव की मांग की।

Sushant Singh1 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में मशहूर कवि तबरेज मुरब्बा राणा ने अपनी शायरी के जरिए मौजूदा राजनीतिक माहौल पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने न केवल राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताई, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। राणा ने अपनी कविताओं के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि अब समय आ गया है जब राजनीति में नए चेहरों का उदय होना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान तबरेज मुरब्बा राणा ने वरिष्ठ नेता आजम खान के खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों का जिक्र करते हुए उन्हें अन्याय का शिकार बताया। उन्होंने अपनी पंक्तियों के जरिए यह सवाल उठाया कि आजम खान पर दर्ज इतने सारे मामलों की असलियत और वैधता क्या है। कवि ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खान के साथ लंबे समय से नाइंसाफी हो रही है, जिसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

2027 चुनाव और नए चेहरों की जरूरत

आगामी चुनावों की चर्चा करते हुए राणा ने कहा कि 2027 तक राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदलनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उनका वर्तमान ध्यान चुनावी दौड़ में शामिल होने के बजाय मौजूदा कठिन परिस्थितियों से निपटने पर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनीति में अब नए लोगों को आगे आने का मौका मिलना चाहिए ताकि व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आए।

गौरतलब है कि आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की कानूनी लड़ाई उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक बड़ा केंद्र बनी हुई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात के दौरान सरकार पर निशाना साधा था। अखिलेश यादव ने खान परिवार पर दर्ज मुकदमों की संख्या को गलत बताते हुए न्याय की मांग की है और भरोसा जताया है कि पार्टी 2027 के चुनावों के लिए पूरी तरह एकजुट है। ऐसे में यह चर्चा तेज है कि क्या आजम खान और अब्दुल्ला आजम अगले चुनाव लड़ने के योग्य रह पाएंगे या नहीं।

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