नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति, बोले- भारत में दिख रहा 'स्विस टच'

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बन रहे आधुनिक हवाई अड्डे ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) का दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने हवाई अड्डे की सुविधाओं और उसकी बनावट की जमकर तारीफ की और इसे भारत में एक 'स्विस टच' करार दिया। राष्ट्रपति परमेलिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि यह एयरपोर्ट ज्यूरिख एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनी 'फ्लुगहाफेन ज्यूरिख' (Flughafen Zürich) की एक सहायक कंपनी द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो इसकी गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं की गारंटी देता है।
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान राष्ट्रपति परमेलिन के साथ भारत में स्विट्जरलैंड की राजदूत माया तिसाफी, उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री सुनील कुमार शर्मा और कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी व बिजनेस लीडर्स मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल ने एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्हें एयरपोर्ट के विकास की यात्रा, सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) के प्रयासों और यात्रियों को दिए जाने वाले बेहतरीन अनुभव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
भविष्य की तैयारी और वैश्विक अनुभव
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास को लेकर राष्ट्रपति परमेलिन काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में यह एयरपोर्ट सालाना करीब 7 करोड़ (70 मिलियन) यात्रियों की भीड़ को संभालने में सक्षम होगा। यह दौरा न केवल बुनियादी ढांचे के निरीक्षण के लिए था, बल्कि यह उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश आकर्षित करने और बुनियादी ढांचे के जरिए आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के वाइस चेयरमैन क्रिस्टोफ श्नेलमान ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि ज्यूरिख एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय अनुभव का लाभ उठाते हुए, उनका लक्ष्य दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लिए एक सुरक्षित, कुशल और यात्री-केंद्रित हवाई अड्डा तैयार करना है। यह एयरपोर्ट न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास में भी एक बड़ी भूमिका निभाएगा।