CEC के इस्तीफे की मांग: स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में किया जोरदार प्रदर्शन

अपनी जनता पार्टी (AJP) के प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को लखनऊ की सड़कों पर उतरकर चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस प्रदर्शन में मौर्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इस मौके पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक उनके साथ नजर आए, जिन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बचाने के नारे लगाए।
इस विरोध प्रदर्शन के लिए पार्टी ने 'लखनऊ चलो' अभियान चलाया था, जिसके तहत कार्यकर्ताओं को राज्य की राजधानी में एकत्रित होने के लिए बुलाया गया था। यह मार्च दारुल शिफा से शुरू होकर जन भवन की दिशा में आगे बढ़ा। प्रदर्शनकारियों की भीड़ और उनके जोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर था। जब यह जुलूस आगे बढ़ा, तो सुरक्षा बलों ने बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों का रास्ता रोक लिया और उन्हें आगे बढ़ने से मना कर दिया।
वोट चोरी और सामाजिक न्याय का मुद्दा उठा
स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस प्रदर्शन के जरिए न केवल चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा, बल्कि समाज के बुनियादी मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कथित वोट धांधली, सामाजिक न्याय, शिक्षा और रोजगार जैसे गंभीर विषयों पर अपनी आवाज बुलंद की।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद, स्वामी प्रसाद मौर्य ने हजरतगंज के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। मौर्य ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यालय सत्ताधारी दल के एजेंट के रूप में काम कर रहा है, जिससे चुनाव आयोग की गरिमा को ठेस पहुंच रही है।
अपनी जनता पार्टी द्वारा आयोजित यह प्रदर्शन चुनाव निकाय की निष्पक्षता को चुनौती देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी ने इस विरोध के लिए पूरे क्षेत्र से अपने कार्यकर्ताओं को लामबंद किया था।