सुल्तानपुर पुलिस ने अवधी गायक संजय यदुवंशी के घर बदसलूकी के आरोपों को बताया baseless
सुल्तानपुर जिले में अवधी गायक संजय यदुवंशी के आवास पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर मचा बवाल अब बढ़ता जा रहा है। गायक और उनके परिजनों ने धम्मौर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें बिना सर्च वारंट घर में घुसने, परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की बात कही गई है। हालांकि, सुल्तानपुर पुलिस ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह झूठा और आधारहीन करार दिया है।
क्या है पूरा मामला और पुलिस का पक्ष?
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उनकी टीम गायक के घर किसी निजी रंजिश की वजह से नहीं, बल्कि एक कानूनी जांच के सिलसिले में पहुंची थी। दरअसल, यह पूरी कार्रवाई गायक के भाई शिवा यदुवंशी की तलाश से जुड़ी है। पुलिस के मुताबिक, शिवा यदुवंशी के खिलाफ कोतवाली नगर थाने में एक एफआईआर दर्ज है और पुलिस की टीमें उसे पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।
इस विवाद की जड़ें 5 सितंबर 2026 की एक घटना में छिपी हैं। उस दिन कोतवाली नगर थाने में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें संजय यदुवंशी और उनके भाई शिवा यदुवंशी भी शामिल थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने शबीब रजा (पुत्र ज़फरुल हसन) नाम के एक युवक को झांसा देकर बुलाया और फिर लोहे की रॉड और डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की।
जहाँ तक बिना वारंट घर में घुसने के आरोपों का सवाल है, पुलिस का कहना है कि कानून के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में, जैसे कि किसी अपराधी का पीछा करते समय या सबूतों को नष्ट होने से बचाने के लिए, बिना वारंट के भी प्रवेश किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश पुलिस और सुल्तानपुर प्रशासन का दावा है कि उनकी पूरी कार्रवाई कानूनी दायरे में रहकर की गई है और वे केवल आपराधिक मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं।