सुल्तानपुर: अवैध खनन के खिलाफ छापेमारी में टीम पर जानलेवा हमला, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड
सुल्तानपुर में अवैध खनन के खिलाफ छापेमारी के दौरान नायब तहसीलदार पर हमला हुआ। लापरवाही पर 4 पुलिसकर्मी निलंबित, 5 आरोपी गिरफ्तार।

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गई सरकारी टीम पर हमलावरों ने खौफनाक हमला बोल दिया। यह घटना कोतवाली नगर क्षेत्र के रामनगर इमलिया (अमलिया कला) की है, जहां नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में टीम छापेमारी कर रही थी। इस दौरान खनन माफियाओं ने टीम को घेर लिया और लाठी-डंडों व रॉड से बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। हमले में नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया है।
इस हिंसक झड़प में टीम के साथ मौजूद लेखपाल सुमित कुमार शर्मा और कुंवर बृजेश सिंह भी घायल हुए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए सुल्तानपुर के एसपी विनीत जायसवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने गोडवा (रामनगर इमलिया) पुलिस चौकी प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही बरतने और खनन माफियाओं के साथ मिलीभगत होने का संदेह जताया गया है।
माफियाओं पर गैंगस्टर एक्ट की तैयारी, 5 आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद माइनिंग इंस्पेक्टर शिव दयाल सिंह और लेखपाल सुमित कुमार शर्मा की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। दर्ज एफआईआर में हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा डालने और बंधक बनाने जैसी गंभीर धाराओं के साथ-साथ अवैध खनन अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने गोलू सिंह और संदीप सिंह नाम के दो मुख्य आरोपियों समेत 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई में अब तक पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार और एक महिंद्रा थार गाड़ी बरामद हुई है। जिला मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि इस हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।