सुल्तानपुर डबल मर्डर केस: प्रिंसिपल और पत्नी की हत्या की गुत्थी सुलझी, दो गिरफ्तार

सुल्तानपुर डबल मर्डर केस: प्रिंसिपल और पत्नी की हत्या की गुत्थी सुलझी, दो गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने आठ दिन पहले हुए एक खौफनाक डबल मर्डर केस को सुलझा लिया है। कदीपुर थाना क्षेत्र के कुम्भी डड़िया गांव में एक स्कूल प्रिंसिपल और उनकी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार दोपहर करीब 1:15 बजे दो संदिग्धों को दबोच लिया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 36 वर्षीय राकेश कुमार यादव और 26 वर्षीय आशीष यादव (उर्फ डब्लू यादव) के रूप में हुई है। ये दोनों ही आरोपी कुम्भी डड़िया गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने इन्हें बुरहाना नहर के पुल के पास से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से खून से सनी कुल्हाड़ी, फावड़ा, खून लगे कपड़े और पीड़ितों का आधार कार्ड बरामद हुआ है। साथ ही, आरोपियों के पास से कुल 34,960 रुपये की नकदी भी जब्त की गई है, जिसमें राकेश के पास 18,220 रुपये और आशीष के पास 16,740 रुपये थे।

लालच और विश्वासघात की खौफनाक साजिश

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड राकेश कुमार यादव था, जो मनराजी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में बस ड्राइवर और कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम करता था। राकेश आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, जिसके चलते उसने अपने पड़ोसी आशीष के साथ मिलकर स्कूल में चोरी करने की योजना बनाई। राकेश स्कूल के ले-आउट, ऑफिस और सीसीटीवी कैमरों की पूरी जानकारी रखता था, जिसका उसने फायदा उठाया।

28 और 29 सितंबर की दरमियानी रात जब ये दोनों आरोपी स्कूल के लॉकर से पैसे चुरा रहे थे, तभी प्रिंसिपल की पत्नी विनीता सिंह (47 वर्ष) वहां पहुंच गईं। उन्होंने चोरी होते देख विरोध किया, तो अपनी पहचान उजागर होने के डर से राकेश ने फावड़े से उन पर हमला कर दिया। जब प्रिंसिपल मुकेश कुमार सिंह (53 वर्ष) ने वहां पहुंचकर भागने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनका पीछा किया और कुल्हाड़ी से वार कर उनकी जान ले ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी नकदी, मोबाइल और आधार कार्ड लेकर फरार हो गए थे। इस मामले की शिकायत मृतक के भाई अखिलेश सिंह ने दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अब आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

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